एन.चंद्रशेखर का टाटा संस के चेयरमैन के रूप में दूसरा कार्यकाल 2027 में समाप्त होगा. अब उन्हें तीसरी बार इस पद पर तैनात करने की तैयारी चल रही है.
62 वर्षीय चंद्रशेखरन के लिए रिटायरमेंट की आयु सीमा में भी ढील दी जा सकती है.
टाटा समूह का इतिहास लंबे समय तक सेवा देने वाले चेयरमैन का रहा है. जमशेदजी टाटा ने 36 साल, जेआरडी टाटा ने 52 साल और रतन टाटा ने 23 साल तक कमान संभाली थी. केवल साइरस मिस्त्री और नोएल टाटा ही इसके अपवाद रहे हैं. आधुनिक मानकों के अनुसार 15 साल का कार्यकाल समूह की वैल्यू आधारित कार्यप्रणाली और बेहतर निष्पादन के लिए उपयुक्त है.
आयु सीमा में दी जा सकती है ढील
62 वर्षीय चंद्रशेखरन के लिए रिटायरमेंट की आयु सीमा में भी ढील दी जा सकती है. उनके अगले कार्यकाल में आईफोन निर्माण, सेमीकंडक्टर और ईवी बैटरी जैसे महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट्स को गति मिलेगी. ऐसी जानकारी मिल रही है कि टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन नोएल टाटा और वाइस चेयरमैन वेंगु श्रीनिवासन चंद्रशेखरन को पांच साल और चेयरमैन पद पर बने रहने का प्रस्ताव पेश करेंगे.
भारत का सबसे भरोसेमंद ब्रांड है टाटा
भारत की अर्थव्यवस्था में अहम योगदान देने वाला टाटा समूह आज देश के सबसे भरोसेमंद और प्रतिष्ठित ब्रांडों में शुमार है. टाटा समूह (Tata Group) को भारत का सबसे पुराना और सबसे बड़ा बहुराष्ट्रीय कॉन्ग्लोमरेट माना जाता है, जिसने अपने व्यापक कारोबार और मजबूत साख के दम पर वैश्विक पहचान बनाई है.
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