सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ है. जिसमें एक व्यक्ति 1000 लीटर की पानी की टंकी में डीजल भरवाने के लिए पंप पर नजर आया, उसपर कई यूजर्स ने सवाल उठाए. हालांकि, प्रशासन ने स्पष्ट किया कि तेल की कोई कमी नहीं है. साथ ही ये भी कहा कि अफवाह फैलाने वालों पर कार्रवाई होगी क्योंकि बड़े कंटेनरों में भरवाना/स्टोर करना लाइसेंस के बिना अवैध और आग लगने का बड़ा खतरा है. इस वीडियो के चलते कई लोगों के मन में एक सवाल घूम रहा है कि क्या भारत में गैलन, ड्रम या किसी कंटेनर में पेट्रोल-डीजल भरवा सकते हैं?
क्या है पेट्रोल-डीजल से जुड़ा नियम?
आपको बता दें कि भारत में पेट्रोल या डीजल को गैलन, ड्रम, कैन या किसी अन्य कंटेनर में भरवाना पूरी तरह अवैध नहीं है, लेकिन इसके सख्त नियम और सीमाएं हैं. ये नियम पेट्रोलियम एक्ट 1934 और पेट्रोलियम रूल्स 2002 (PESO – Petroleum and Explosives Safety Organisation के तहत) के अनुसार तय किए गए हैं. इनका मकसद सुरक्षा सुनिश्चित करना है, क्योंकि पेट्रोल-डीजल अत्यधिक ज्वलनशील पदार्थ(highly flammable substances) हैं और गलत तरीके से रखने से आग या विस्फोट का खतरा रहता है.
पेट्रोल-डीजल स्टोर करने की सीमा क्या है?
पेट्रोल (क्लास A पेट्रोलियम) के लिए बिना लाइसेंस के आम व्यक्ति घर पर या कहीं अधिकतम 30 लीटर तक रख सकता है. यह मात्रा सुरक्षित, लीक-प्रूफ और PESO-अप्रूव्ड कंटेनर में होनी चाहिए, जैसे मेटल के कैन (25 लीटर तक) या ग्लास/स्टोनवेयर की बोतल (1 लीटर तक). वहीं, डीजल (क्लास B पेट्रोलियम) के लिए बिना लाइसेंस के 2500 लीटर तक रखने की अनुमति है, लेकिन एक कंटेनर में अधिकतम 1000 लीटर तक. इससे ज्यादा के लिए लाइसेंस जरूरी है. 30 लीटर (पेट्रोल) या तय सीमा से ज्यादा रखने के लिए स्थानीय पेट्रोलियम अथॉरिटी से लाइसेंस लेना पड़ता है. बिना लाइसेंस के ज्यादा मात्रा रखने पर जुर्माना और जेल दोनों हो सकती है.
पेट्रोल भरवाने के नियम
पेट्रोल पंप (जो ऑयल मार्केटिंग कंपनियां जैसे IOCL, BPCL, HPCL चलाते हैं) पर ईंधन भरवाने के लिए मुख्य रूप से वाहनों की टंकी में ही भरना चाहिए. लेकिन जरूरत पड़ने पर (जैसे गाड़ी रास्ते में खराब हो जाए) सीमित मात्रा में अप्रूव्ड कंटेनर में भरवाया जा सकता है. प्लास्टिक की बोतल, बाल्टी या अनअप्रूव्ड कंटेनर में भरवाना ज्यादातर पंप वाले मना कर देते हैं, क्योंकि यह सुरक्षा नियमों के खिलाफ है. प्लास्टिक से स्टैटिक बिजली लगने या लीक होने का खतरा रहता है. कई राज्यों (जैसे कर्नाटक, ओडिशा) में पुलिस/प्रशासन ने पेट्रोल पंपों को बोतलों या अनअप्रूव्ड कंटेनरों में ईंधन बेचने पर रोक लगाई है, क्योंकि इससे ब्लैक मार्केटिंग या दुर्घटना का खतरा बढ़ता है. मेटल जेरी कैन (PESO-अप्रूव्ड) खासकर इमरजेंसी में 20-30 लीटर तक भरवाना संभव है.
बड़े ड्रम या गैलन (जैसे 200-1000 लीटर) में भरवाना आमतौर पर नहीं किया जाता, जब तक व्यक्ति के पास वैध लाइसेंस न हो या यह फार्म/इंडस्ट्री के लिए न हो. हाल ही में कुछ वायरल वीडियो में लोग बड़े टैंक या ड्रम में डीजल भरवाते दिखे, लेकिन ज्यादातर मामलों में यह अफवाह या जरूरत से ज्यादा स्टॉकिंग के कारण था, और प्रशासन ने चेतावनी दी कि इससे सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है.
पेट्रोल-डीजल लेने से पहले इस बात का ध्यान रखें कि हमेशा केवल जरूरत के अनुसार ही पेट्रोल-डीजल खरीदें. साथ ही, कंटेनर में भरवाना हो तो अप्रूव्ड मेटल कैन इस्तेमाल करें और ज्यादा मात्रा में स्टोर न करें. इसके अलावा अगर ज्यादा मात्रा चाहिए (जैसे जनरेटर, फार्म या बिजनेस के लिए), तो PESO से लाइसेंस लें.
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