न्यूज18 राइजिंग भारत समिट शुरू हो चुकी है. इस शिखर सम्मेलन में अलग-अलग क्षेत्रों के विशेषज्ञ देश की आर्थिक राजनीतिक और सामाजिक स्थिति और भविष्य पर अपनी राय सांझा करेंगे. शेयर बाजार के वर्तमान हालातों पर विजय केडिया, रमेश दमानी और मधुसूदन केला ने अपने विचार रखे.
आज से राइजिंग भारत समिट शुरू हुई है.
बाजार के दिग्गज रमेश दमानी ने आईटी (IT) सेक्टर को लेकर अपनी सकारात्मक सोच जाहिर की. उन्होंने भरोसा जताया कि आईटी इंडस्ट्री पहले से कहीं अधिक बड़ी और मजबूत होकर वापसी करेगी. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि इससे डरने के बजाय इसे एक बदलाव के रूप में देखना चाहिए. हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि इस तकनीकी क्रांति में कुछ ‘विजेता’ बनकर उभरेंगे. जो समय के साथ नहीं बदलेंगे, वे पीछे रह जाएंगे. दमानी ने मेटल, फार्मा और डिफेंस शेयरों में भी तेजी जारी रहने की संभावना जताई.
भारत बनेगा ग्लोबल एआई सॉल्यूशन हब
एमके वेंचर्स के फाउंडर मधुसूदन केला ने कहा कि एआई को रोजगार के लिए खतरा मानने के बजाय एक अवसर के रूप देखा जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि भारत के पास एक अत्यधिक कुशल और स्किल्ड वर्कफोर्स है, जो भारत को वैश्विक स्तर पर एआई लेयर और सॉल्यूशंस प्रदाता बनाने की क्षमता रखता है. केला के अनुसार, तकनीक ने कभी उद्योगों को गरीब नहीं बनाया है, बल्कि नए रास्ते खोले हैं. उन्होंने मध्यम और लंबी अवधि के विकास के लिए रिसर्च एंड डेवलपमेंट में निवेश बढ़ाने की जरूरत पर भी जोर दिया.
बाजार में नहीं अवसरों की कमी
सत्र के समापन पर मधुसूदन केला ने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में अमेरिकी बाजारों की तरह भारतीय बाजार में भी असाधारण रिटर्न देने वाले ‘मल्टीबैगर’ शेयरों की संख्या बढ़ी है. बाजार में अवसरों की कमी नहीं है, बस निवेशकों को सही रिसर्च और सूझबूझ के साथ आगे बढ़ना होगा.
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