भारतीय रुपया आज डॉलर के मुकाबले मजबूती के साथ 40 पैसे की बढ़त लेकर 91.93 प्रति डॉलर पर खुला है. इससे पहले 10 मार्च को रुपया रिकॉर्ड निचले स्तर 92.35 तक गिर गया था. आज इसमें सुधार की बड़ी वजह ब्रेंट क्रूड की कीमतों में नरमी है, जो 100 डॉलर से नीचे आकर करीब 88 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गई है. मिडिल ईस्ट में तनाव के कारण पहले तेल महंगा हुआ था और रुपया कमजोर पड़ा था, लेकिन अब डोनाल्ड ट्रंप के बयानों और RBI के हस्तक्षेप से बाजार में भरोसा बढ़ा है, जिससे रुपये को सहारा मिला है.
रुपये के मजबूत होने का बड़ा कारण अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के हालिया बयान है, जिन्होंने तेल बाजार को शांत किया. ट्रंप के बयानों से निवेशकों को लगा है कि स्थिति जल्द नियंत्रण में आ सकती है, जिससे तेल की कीमतों पर दबाव कम हुआ है. ब्रेंट क्रूड पहले $100 के पार जा चुका था, लेकिन अब 88 डॉलर प्रति बैरेल पर आ गया है. साथ ही, रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने भी हस्तक्षेप किया और रुपया ₹92 के नीचे न गिरे, इसके लिए कदम उठाए. RBI अक्सर ऐसे समय में डॉलर खरीद-बिक्री करके मुद्रा को स्थिर रखता है.
ट्रंप के बयान से बाजार को मिला पॉजिटिव संकेत
यह गिरावट और रिकवरी मिडिल ईस्ट संघर्ष से जुड़ी है. युद्ध के कारण होर्मुज से तेल की सप्लाई प्रभावित हुई, जिससे वैश्विक तेल बाजार में अस्थिरता आई है. भारत जैसे देश जो तेल का बड़ा आयातक है, उसे इससे सबसे ज्यादा नुकसान होता है. महंगे तेल से आयात बिल बढ़ता है, जोकि ट्रेड डेफिसिट बढ़ाता है और रुपया कमजोर होता है, लेकिन ट्रंप के बयान से बाजार को उम्मीद जगी कि युद्ध लंबा नहीं चलेगा और सप्लाई जल्द सामान्य हो जाएगी.
आज के सुधार से भारतीय शेयर बाजार और अर्थव्यवस्था को भा हल्की मजबूती मिली है. एक्सपर्ट्स का कहना है कि रुपया अब ₹91-92 के दायरे में रह सकता है, जब तक तेल की कीमतें $100 के आसपास रहने की उम्मीद है.
भारतीय रुपये पर एक्सपर्ट की राय
बाजार के जानकारों के मुताबिक, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) रुपये को मजबूत बनाए रखने के लिए स्पॉट मार्केट और ऑफशोर नॉन-डिलिवरेबल फॉरवर्ड (NDF) मार्केट में दखल दे रहा है. ट्रेडर्स का कहना है कि अगर रुपया ज्यादा कमजोर होता है तो RBI डॉलर बेचकर इसे 92 रुपये से नीचे बनाए रखने की कोशिश करेगा. मनीकंट्रोल की रिपोर्ट के अनुसार, CR Forex Advisors के मैनेजिंग डायरेक्टर अमित पबारी के अनुसार तकनीकी रूप से USD/INR में हाल के हफ्तों में सपोर्ट लेवल धीरे-धीरे मजबूत हो रहा है. फिलहाल 91.40–91.50 का स्तर मजबूत सपोर्ट माना जा रहा है. अगर यही रुझान जारी रहता है तो आने वाले सेशन में यह 92.50–92.80 के स्तर तक जा सकता है.
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