अमेरिका-ईरान युद्ध की वजह क्रूड के दाम बढ़ गए हैं. इसी से अमेरिका चिंतित है. अमेरिका और इज़राइल द्वारा 28 फरवरी को ईरान पर हमले शुरू करने के बाद से बेंचमार्क कच्चे तेल की कीमतें लगभग 40 से 50 प्रतिशत तक बढ़ चुकी हैं.
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यह फैसला ऐसे समय आया है जब अमेरिका-ईरान के बीच तेजी से बढ़ता युद्ध वैश्विक ऊर्जा बाजारों को हिला रहा है .
नई दिल्ली. कुछ दिन पहले तक रूस के तेल को बाजार में न आने देने की कसम खाए बैठा अमेरिका अब खुद दूसरे देशों से रूस का तेल खरीदने को कह रहा है. पहले उसने भारत को यह छूट दी थी और सब देशों को रूसी तेल खरीदने की अनुमति दे दी है. कच्चे तेल की कीमतों में आए तेज उछाल से डरे अमेरिका ने समुद्र में पहले से मौजूद कुछ रूसी तेल खेपों की सीमित बिक्री को अस्थायी रूप से मंजूरी दी है. गुरुवार को अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने इस संबंध में एक नोटिस भी जारी किया. ट्रेजरी विभाग ने कहा कि यह अनुमति उन रूसी कच्चे तेल और पेट्रोलियम उत्पादों पर लागू होगी जिन्हें 12 मार्च को रात 12:01 बजे तक जहाजों पर लाद दिया गया था. इन खेपों को विभाग द्वारा जारी विशेष लाइसेंस के तहत 11 अप्रैल तक बेचा जा सकेगा.