Bangladesh Diesel Supply : पश्चिम एशिया में संकट की वजह से पूरी दुनिया पर तेल का जोखिम पैदा हो गया है. इस संकट में भी भारत ने पड़ोसी बांग्लादेश को 5 हजार टन डीजल सप्लाई किया है. सवाल यह उठता है कि अगर भारत ने यह सप्लाई बंद कर दी तो पड़ोसी देश के लिए कितनी मुश्किल बढ़ सकती है. उस पर क्या असर होगा और इस सप्लाई के जरिये बांग्लादेश को हर साल कितना डीजल मिलता है.
भारत से हर साल बांग्लादेश को हजारों टन तेल की सप्लाई होती है.
सबसे पहले बात करते हैं कि भारत-बांग्लादेश की यह फ्रेंडशिप पाइपलाइन (India-Bangladesh Friendship Pipeline) आखिर है क्या. यह पाइपलाइन बहुत पुरानी नहीं है, बस 2023 में शुरू हुई है. 131.5 किलोमीटर लंबी यह पाइपलाइन असम के नुमालीगढ़ रिफाइनरी से बांग्लादेश के परबतिपुर डिपो (दिनाजपुर) तक जाती है. इस पाइपलाइन के जरिये मुख्य रूप से डीजल की सप्लाई की जाती है. वैसे तो बांग्लादेश ने भारत से ज्यादा तेल की डिमांड की थी, लेकिन मौजूदा हालात में इतना ही संभव हुआ.
हर साल कितनी डीजल की सप्लाई
अब आते हैं असल सवाल पर कि अगर भारत इस पाइपलाइन से डीजल की सप्लाई बंद कर दे तो क्या होगा. अब क्या होगा, यह तो बताना किसी के लिए संभव नहीं है, लेकिन यह पाइपलाइन पड़ोसी के लिए कितनी अहम है, इसका जवाब हम आपको आंकड़ों से दे रहे हैं. इस पाइपलाइन के जरिये हर साल भारत से 1.80 लाख टन डीजल की सप्लाई बांग्लादेश को की जाती है. पड़ोसी के साथ यह समझौता 15 साल के लिए किया गया था, जो साल 2017 से लागू है और बाद में इसकी क्षमता को बढ़ाकर 10 लाख टन किया जाना था.
बांग्लादेश के लिए कितना अहम
भारत से की जाने वाली यह सप्लाई बांग्लादेश के लिए कितनी अहम है, इसका अंदाजा भी उसके रोजाना इस्तेमाल होने वाले डीजल के आंकड़ों से लगाया जा सकता है. बांग्लादेश में रोजाना करीब 12 हजार टन डीजल की खपत होती है, जबकि भारत ने उसे 5 हजार टन डीजल भेज दिया था. उसकी सालाना खपत करीब 45 लाख टन है, जबकि भारत की पाइपलाइन से उसे अभी तो 2 लाख टन के करीब डीजल सप्लाई की जाती है, जो आने वाले समय में 10 लाख टन पहुंच सकता है. जाहिर है कि उसकी कुल खपत का 25 फीसदी डीजल सिर्फ भारत दे सकता है. यही बात पड़ोसी होने के नाते बांग्लादेश को समझनी चाहिए.
सप्लाई बंद हो जाए तो क्या होगा
चलिए, इस सवाल का भी एक मोटा-मोटा अनुमान वाला जवाब दे ही देते हैं. अगर भारत की इस पाइपलाइन से सप्लाई बंद हो जाए तो बांग्लादेश के कई जिलों में ट्रांसपोर्ट, एग्रीकल्चर, गारमेंट इंडस्ट्री और पॉवर सेक्टर पर असर पड़ेगा. पड़ोसी देश अभी ईंधन की कमी से जूझ रहा है, ऐसे में भारत की सप्लाई बंद होने से उत्तरी बांग्लादेश पूरी तरह संकट से घिर जाएगा. बांग्लादेश में अभी करीब 15 दिन का डीजल बचा है, सप्लाई अचानक बंद होने से महंगाई और अफरातफरी बढ़ सकती है. यह पाइपलाइन बांग्लादेश के लिए सबसे तेज और सस्ता माध्यम है. बंद हुई तो उसे चीन, सिंगापुर, सऊदी अरब से आयात बढ़ाना पड़ेगा, जो काफी महंगा पड़ेगा.
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प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्वेस्टमेंट टिप्स, टैक्स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि…और पढ़ें
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