मार्केट एक्सपर्ट का कहना है कि होम लोन औसतन 9 फीसदी की सालाना ब्याज दर पर मिल जाता है. वहीं, इंडेक्स फंड का लॉन्ग टर्म का औसतन रिटर्न 12 फीसदी सालाना रहता है. इन दोनों के बीच 3 फीसदी का सीधा अंतर ही आपकी कमाई का जरिया बनता है. जो पैसे आपके पास हैं, उनसे सिर्फ डाउन पेमेंट करें और बाकी बची हुई रकम को तुरंत इंडेक्स फंड में निवेश कर दें. आइये कैश और लोन से घर खरीदने के नफा-नुकसान को समझते हैं.
कैश में घर खरीदना
मान लीजिए, आप एक 2 बीएचके फ्लैट खरीद रहे हैं, जिसकी कीमत 30 लाख रुपये है. आपके पास यह पूरी रकम मौजूद है और आप पूरा पैसा देकर घर खरीद लेते हैं. अब समझते हैं 20 साल बाद का हिसाब क्या कहता है? आज आपके पास घर तो हो जाता है, लेकिन आपकी 30 लाख की रकम उस प्रापर्टी में फंस जाती है. अगर हम रियल एस्टेट बजार का औसत सालाना रिटर्न 9 फीसदी भी मान लें, तो अगले 20 साल में आपके इस 30 लाख रुपये के घर की वैल्यू बढ़कर 84,00,000 रुपये हो जाएगी.
अब दूसरे विकल्प को देखते हैं. आप 30 लाख रुपये में से 10 लाख रुपये डाउन पेमेंट और अन्य खर्चों में लगाते हैं. बाकी 20 लाख रुपये का आप 9 फीसदी की दर से 20 साल के लिए होम लोन लेते हैं. आपके पास जो 20 लाख रुपये (जो आप पूरा कैश देने वाले थे) बच गए, उसे आप 20 साल के लिए इंडेक्स फंड में निवेश कर देते हैं. अगर यह 20 लाख रुपये का निवेश आपको 12 फीसदी का सालाना रिटर्न देता है, तो 20 साल बाद यह फंड बढ़कर 1,92,92,586 रुपये बन जाएगा.
₹30 लाख कैश देकर घर खरीदना
मान लीजिए आप ₹30 लाख की कीमत का एक फ्लैट पसंद करते हैं और आपके पास यह पूरी रकम बैंक खाते में मौजूद है. आप “कर्ज मुक्त” रहने के लिए पूरी राशि एकमुश्त चुका देते हैं. अब अगले 20 वर्षों आपके पास रहने के लिए घर तो है, लेकिन आपकी पूरी पूंजी प्रॉपर्टी में लॉक हो चुकी है. अगर हम रियल एस्टेट का औसत सालाना रिटर्न 9% भी मानें, तो 20 साल बाद आपके इस घर की वैल्यू करीब ₹84,00,000 हो जाएगी. यानी आपके पास सिर्फ एक घर होगा जिसकी कीमत ₹84 लाख है.
होम लोन + इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजी
अब दूसरे विकल्प को देखें. आप ₹10 लाख डाउन पेमेंट और रजिस्ट्री जैसे खर्चों में लगाते हैं. बाकी बचे ₹20 लाख का आप 9% की दर से 20 साल के लिए होम लोन ले लेते हैं. आपके पास जो ₹20 लाख नकद बचे जिन्हें आप घर के लिए देने वाले थे, उन्हें आप तुरंत एक इंडेक्स फंड में निवेश कर देते हैं. 12% के सालाना रिटर्न के साथ, यह ₹20 लाख की राशि 20 साल बाद ₹1,92,92,586 (लगभग ₹1.93 करोड़) हो जाएगी. ₹20 लाख के होम लोन पर 9% ब्याज के साथ आप 20 साल में कुल ₹23,18,685 का ब्याज चुकाएंगे. इस तरह बैंक को आपने मूलधन और ब्याज मिलाकर कुल ₹43,18,685 दिए.
20 साल में होगा ₹65 लाख का मुनाफा
आइये अब देखते हैं कि आपको कहां फायदा हो रहा है. इंडेक्स फंड से मिले ₹1.93 करोड़ में से यदि हम लोन के ₹43.18 लाख घटा दें, तो आपके पास ₹1,49,73,901 की शुद्ध नकदी बचती है. वहीं कैश में घर लेने पर आपके पास सिर्फ घर ही है जिसकी वैल्यू ₹84,00,000 है. इस तरह इंडेक्स फंड से हुए मुनाफे ₹1.49 करोड़ में से घर की कीमत ₹84 लाख रुपये घटाते हैं तो आपके पास ₹65,73,901 रुपये बचते हैं.
यह कैलकुलेशन साफ दिखाता है कि 20 साल बाद, दोनों ही स्थितियों में आपके पास अपना घर होगा. लेकिन ‘स्मार्ट’ तरीका अपनाने पर आपके पास घर के अलावा ₹65 लाख से ज्यादा का बैंक बैलेंस भी होगा. इसके अतिरिक्त, होम लोन लेने पर आपको आयकर की धारा 80C और 24(b) के तहत टैक्स छूट का लाभ भी मिलता है, जो इस मुनाफे को और बढ़ा देता है.
वित्तीय अनुशासन जरूरी
निवेश सलाहकारों का कहना है कि यह फॉर्मूला तभी काम करता है जब आप अनुशासित हों. यदि आप लोन लेकर बची हुई पूंजी को निवेश करने के बजाय फिजूलखर्ची में उड़ा देते हैं, तो यह घाटे का सौदा साबित होगा.
(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है. यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है. निवेश करने से पहले अपने निवेश सलाहकार की सलाह जरूर लें)
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