क्या हैं आपके पास विकल्प?
पॉलिसीधारकों के पास मुख्य रूप से 4 रास्ते हैं-
- प्रीमियम फाइनेंसिंग कंपनी
- क्रेडिट कार्ड से भुगतान (ईमआई में बदलकर)
- पर्सनल लोन
- इंश्योरर की इन-बिल्ट ईमआई सुविधा
हर ऑप्शन की ब्याज दर, प्रोसेसिंग फीस, पेमेंट टेन्योर और आपके क्रेडिट स्कोर पर असर अलग-अलग होता है. इसलिए फैसला सोच-समझकर लेना जरूरी है.
प्रीमियम फाइनेंसिंग क्या है?
प्रीमियम फाइनेंसिंग के तहत आप पूरी रकम एक साथ देने की बजाय मासिक या तिमाही किस्तों में भुगतान कर सकते हैं. कुछ प्लेटफॉर्म नो-कॉस्ट ईमआई भी देते हैं. इस क्षेत्र में बीमापे, कैपिटल फ्लोट और बजाज फाइनेंस जैसे प्लेयर्स एक्टिव हैं. आमतौर पर ब्याज दर 12 फीसदी से 24 फीसदी सालाना के बीच होती है. ईएमआई टेन्योर 3 से 12 महीने तक हो सकती है। मंजूरी 24 से 72 घंटे में मिल जाती है और लोन की रकम सीधे इंश्योरर को भेज दी जाती है. जरूरी दस्तावेजों में पैन, आधार, बैंक स्टेटमेंट, पॉलिसी कॉपी और इनकम सर्टिफिकेट शामिल हो सकते हैं. प्रीपेमेंट चार्ज 2% से 5% तक हो सकता है, इसलिए नियम ध्यान से पढ़ना जरूरी है.
क्रेडिट कार्ड से प्रीमियम भरना
अगर आपके खाते में पूरी रकम नहीं है, तो आप क्रेडिट कार्ड से भुगतान कर सकते हैं. बाद में इसे ईएमआई में बदला जा सकता है. समय पर भुगतान करने से आपका क्रेडिट स्कोर बेहतर हो सकता है. हालांकि, अगर ईेमआई में कन्वर्ट नहीं किया तो ब्याज दर काफी ज्यादा हो सकती है. इसलिए प्रोसेसिंग फीस, प्रभावी ब्याज दर और टेन्योर को जरूर जांच लें. कुछ कार्ड रिवॉर्ड पॉइंट या कैशबैक भी देते हैं.
पर्सनल लोन का विकल्प
आप बैंक या एनबीएफसी से पर्सनल लोन लेकर इंश्योरेंस कंपनी को एकमुश्त भुगतान कर सकते हैं. फिर तय अवधि में ईएमआई के जरिए लोन चुकाएं. पर्सनल लोन की अवधि लंबी होने के कारण कुल ब्याज ज्यादा हो सकता है. इसलिए कुल भुगतान की तुलना सालाना प्रीमियम से जरूर करें.
इंश्योरर की इन-बिल्ट ईएमआई सुविधा
कई इंश्योरेंस कंपनियां खुद पॉलिसी के अंदर ईएमआई का ऑप्शन देती हैं. इसमें अलग से लोन लेने की जरूरत नहीं होती. लागत कंपनी के अनुसार अलग हो सकती है, लेकिन यह कैश फ्लो मैनेज करने का आसान तरीका हो सकता है.
क्या रखें ध्यान?
- सिर्फ कम ईएमआई देखकर फैसला न लें.
- कुल ब्याज और फीस का हिसाब जरूर लगाएं.
- अपनी भुगतान क्षमता के अनुसार अवधि चुनें.
- नियम और शर्तें ध्यान से पढ़ें.
Discover more from Business News
Subscribe to get the latest posts sent to your email.