आजकल PAN नंबर का गलत इस्तेमाल करके लोन लेना आम होता जा रहा है. डेटा लीक, फर्जी दस्तावेज और कुछ जगह कमजोर वेरिफिकेशन के कारण ठग आपके PAN का इस्तेमाल करके पर्सनल लोन, क्रेडिट कार्ड या ‘बाय नाउ पे लेटर’ जैसी सुविधाएं ले सकते हैं. अच्छी बात यह है कि अगर आप सही तरीके से कदम उठाते हैं, तो इस समस्या को ठीक किया जा सकता है.
सबसे पहले क्रेडिट रिपोर्ट चेक करें
सबसे पहले यह पता करें कि सच में आपके नाम पर कोई लोन है या नहीं. इसके लिए सभी प्रमुख क्रेडिट ब्यूरो (CIBIL, Experian, Equifax और CRIF High Mark) से अपनी रिपोर्ट निकालें. रिपोर्ट में ऐसे लोन, क्रेडिट कार्ड या पूछताछ (enquiry) देखें जो आपने कभी नहीं की. कई बार ठग छोटे-छोटे डिजिटल लोन लेकर शुरुआत करते हैं क्योंकि वे जल्दी पास हो जाते हैं.
तुरंत लेंडर को लिखित शिकायत करें
अगर रिपोर्ट में फर्जी लोन दिखता है, तो जिस बैंक या NBFC का नाम है उसे तुरंत लिखित शिकायत भेजें. शिकायत में साफ लिखें कि आपके PAN का गलत इस्तेमाल करके लोन लिया गया है और आप इस लोन को फ्रॉड मानते हैं. साथ ही उस लोन के आवेदन से जुड़े दस्तावेजों की कॉपी भी मांगें. लिखित शिकायत इसलिए जरूरी है क्योंकि इससे रिकॉर्ड बनता है कि आपने समय पर आपत्ति दर्ज कराई.
पुलिस में शिकायत दर्ज कराएं
इस मामले में पुलिस शिकायत या FIR बहुत जरूरी होती है. कई लोग इससे बचते हैं, लेकिन बिना शिकायत के बैंक और क्रेडिट ब्यूरो अक्सर कार्रवाई नहीं करते. आप अपने नजदीकी थाने में या साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत कर सकते हैं. इसमें साफ लिखें कि आपके PAN का इस्तेमाल करके फाइनेंशियल फ्रॉड हुआ है.
क्रेडिट ब्यूरो में मामला दर्ज करें
हर क्रेडिट ब्यूरो में गलत जानकारी को लेकर ऑनलाइन विवाद दर्ज करने की सुविधा होती है. लेंडर को की गई शिकायत की कॉपी और पुलिस शिकायत नंबर जैसे दस्तावेजों के साथ बताएं कि यह लोन फ्रॉड के कारण विवादित है. इससे जांच के दौरान आपकी क्रेडिट प्रोफाइल को और नुकसान होने से रोका जा सकता है.
एक भी EMI न भरें
कई लोग गलती से एक-दो EMI भर देते हैं ताकि रिकवरी कॉल बंद हो जाएं. लेकिन ऐसा करने से यह माना जा सकता है कि आपने लोन स्वीकार कर लिया है. अगर लोन आपका नहीं है, तो एक भी EMI न भरें. अगर 30 दिन तक बैंक या NBFC जवाब नहीं देता, तो शिकायत को आगे बढ़ाएं. लेंडर के ग्रिवेंस सेल में शिकायत करें. आरबीआई के सीएमएस पोर्टल या बैंकिंग ओम्बड्समैन के पास जाएं. पुलिस शिकायत के साथ की गई एस्केलेशन अक्सर जल्दी असर दिखाती है.
भविष्य में ऐसे बचें
- समय-समय पर क्रेडिट रिपोर्ट चेक करें.
- PAN की कॉपी किसी को भी आसानी से न दें.
- PAN की कॉपी पर उद्देश्य और तारीख लिखें.
- आधार लिंक है तो उसे जरूरत न होने पर लॉक रखें.
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