Nifty 50 VS FD Return: हर महीने सिर्फ ₹2000 का निवेश भी लंबे समय में बड़ा फंड बना सकता है. उन्होंने बताया कि अगर पूरा पैसा एफडी या निफ्टी 50 में लगाया जाए और सालाना करीब 10% रिटर्न मिले, तो 10 साल में करीब करोड़ों रुपये बन सकते हैं. ये फंड इतना कैसे बढ़ेगा और इसकी कैलकुलेशन क्या है, ये बताते हैं.
इसमें पहला तरीका है पूरा 2000 रुपये फिक्स्ड डिपॉजिट यानी एफडी में डालना. एफडी में सुरक्षित तरीके से हर साल करीब 10 प्रतिशत रिटर्न मिलता है. अगर आप 10 साल तक ऐसा करते हैं तो आपके पास लगभग 5 लाख रुपये हो जाते हैं. 20 साल बाद ये अमाउंट बढ़कर 22 लाख हो जाता है. 30 साल में ये 75 लाख के आसपास पहुंचता है और 40 साल बाद करीब 2 करोड़ 2 लाख रुपये बन जाते हैं. ये तरीका पूरी तरह सुरक्षित है लेकिन रिटर्न कम होता है क्योंकि इसमें कोई रिस्क नहीं होता है.
निफ्टी 50 इंडेक्स म्यूचुअल फंड और एफडी में एक साथ निवेश
दूसरा तरीका है पैसा तोड़कर इन्वेस्ट करना. मतलब हर महीने 1000 रुपये एफडी में और 1000 रुपये निफ्टी 50 इंडेक्स म्यूचुअल फंड में डालना. निफ्टी 50 इंडेक्स फंड भारत की टॉप 50 कंपनियों में इन्वेस्ट करता है और लंबे समय में औसतन ज्यादा रिटर्न देता है. इस तरीके से 10 साल बाद आपके पास 5 लाख की जगह करीब 7 लाख रुपये हो जाते हैं. 20 साल में 22 लाख की बजाय 40 लाख बन जाते हैं. 30 साल बाद 75 लाख की जगह 2 करोड़ 1 लाख और 40 साल बाद 2 करोड़ 33 लाख की बजाय करीब 3 करोड़ 60 लाख रुपये पहुंच जाते हैं. यहां रिस्क थोड़ा ज्यादा है लेकिन रिटर्न भी दोगुना से ज्यादा हो जाता है.
सिर्फ निफ्टी 50 इंडेक्स म्यूचुअल फंड में निवेश
तीसरा तरीका है कि पूरा 2000 रुपये हर महीने निफ्टी 50 इंडेक्स म्यूचुअल फंड में डालें. इसमें कोई एफडी नहीं सिर्फ इक्विटी निवेश. 40 साल बाद ये अमाउंट एफडी के 2 करोड़ से बहुत ज्यादा और आधे-आधे वाले 3 करोड़ 60 लाख से भी आगे निकलकर करीब 5 करोड़ रुपये हो जाता है. ये दिखाता है कि अगर आप पूरा रिस्क लेते हैं और लंबा समय देते हैं तो कंपाउंडिंग का जादू और भी कमाल करता है.
इससे ये बात तो साफ है कि सिर्फ सुरक्षित रहने से पैसा धीरे बढ़ता है लेकिन अगर थोड़ा रिस्क लेकर लंबे समय तक इन्वेस्ट करें तो रिटर्न बहुत बेहतर हो सकता है. खासकर युवा जो 20-30 साल का समय दे सकते हैं उनके लिए इंडेक्स फंड अच्छा ऑप्शन हो सकता है, लेकिन याद रखें कि मार्केट में उतार-चढ़ाव आते हैं और रिटर्न की गारंटी नहीं होती है. फिर भी छोटी रकम से शुरू करके अनुशासन बनाए रखना सबसे जरूरी है. किसी भी निवेश को करने से पहले अपने फाइनेंशियल एडवाइजर की सलाह जरूर लें.
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