Iran-Israel War: कई खाड़ी देशों के एयरस्पेस बंद हो गए हैं, सैकड़ों फ्लाइट्स रद्द कर दी गई हैं और हजारों यात्री दुबई, तेल अवीव जैसे एयरपोर्ट पर फंसे हुए हैं. ऐसे में ट्रैवल इंश्योरेंस बहुत काम आ सकता है.
दुबई, दोहा, अबू धाबी जैसे बड़े ट्रांजिट हब प्रभावित हुए हैं. कई इंटरनेशनल एयरलाइंस ने अपने रूट बदल दिए हैं. ऐसे में अचानक फ्लाइट कैंसिलेशन, लंबी देरी और महंगे रीबुकिंग खर्च यात्रियों के लिए बड़ी समस्या बन गए हैं. ऐसे में ट्रैवल इंश्योरेंस बहुत काम आ सकता है. अच्छा ट्रैवल इंश्योरेंस होने पर कैंसलेशन, देरी, होटल-ट्रांसपोर्ट के एक्स्ट्रा खर्च, सामान खोने या चोरी होने पर कंपनी पैसे दे सकती है.
ऐसे वक्त में क्यों जरूरी है ट्रैवल इंश्योरेंस?
एक मजबूत और कॉम्प्रिहेंसिव ट्रैवल इंश्योरेंस पॉलिसी इस तरह की अनिश्चित परिस्थितियों में आर्थिक झटका कम कर सकती है. स्टेवेल डॉट हेल्थ के को-फाउंडर अरुण राममूर्तिने कहा, ”मिडिल ईस्ट से आने-जाने या वहां ट्रांजिट करने वाले यात्रियों से हमें बड़ी संख्या में सहायता अनुरोध मिल रहे हैं। ज्यादातर सवाल फ्लाइट कैंसिलेशन, देरी, मिस्ड कनेक्शन और अतिरिक्त खर्च से जुड़े हैं. ज्यादातर समस्याएं ऑपरेशनल हैं, मेडिकल नहीं. इसलिए लोग यह जानना चाहते हैं कि उनकी पॉलिसी क्या कवर करती है और उन्हें किस तरह मदद मिल सकती है.”
क्या-क्या कवर करता है ट्रैवल इंश्योरेंस?
एलिफेंट डॉट इन के सीनियर वीपी चेतन वासुदेवा बताते हैं कि आज के दौर में ट्रिप कैंसिलेशन और इंटरप्शन कवर बेहद जरूरी हो गया है. राजनीतिक अस्थिरता, प्राकृतिक आपदा या हेल्थ इमरजेंसी के कारण फ्लाइट बाधित हो सकती है. यह कवर नॉन-रिफंडेबल बुकिंग के नुकसान से बचाता है. वासुदेवा के अनुसार, एक अच्छी ओवरसीज ट्रैवल पॉलिसी मेडिकल खर्च, अस्पताल में भर्ती, एंबुलेंस, इमरजेंसी इवैक्यूएशन और गंभीर स्थिति में रिपैट्रिएशन तक कवर करती है.
ट्रैवल इंश्योरेंस में आमतौर पर ये सुविधाएं शामिल होती हैं:
- ट्रिप कैंसिलेशन कवर – अचानक यात्रा रद्द होने पर नॉन-रिफंडेबल खर्च की भरपाई
- फ्लाइट डिले बेनिफिट – लंबी देरी पर होटल, भोजन और रीबुकिंग खर्च
- मिस्ड कनेक्शन कवर – कनेक्टिंग फ्लाइट छूटने पर मुआवजा
- मेडिकल कवर – विदेश में इलाज, अस्पताल, एंबुलेंस और इमरजेंसी इवैक्यूएशन
- लगेज डिले या लॉस कवर – सामान गुम या देर से मिलने पर क्लेम
- पासपोर्ट लॉस कवर – पासपोर्ट खोने पर सहायता
यात्रियों के लिए क्या सलाह?
ऑनलाइन ट्रैवल एजेंसियां और इंश्योरेंस एग्रीगेटर स्थिति पर नजर रखे हुए हैं और ग्राहकों को रीयल-टाइम अपडेट दे रहे हैं. यात्रियों को सलाह दी जा रही है कि
- अपनी पॉलिसी की शर्तें ध्यान से पढ़ें.
- एयरलाइन और इंश्योरेंस कंपनी के हेल्पलाइन नंबर सेव रखें.
- किसी भी बदलाव की जानकारी तुरंत दर्ज कराएं.
- यात्रा से पहले ‘वार एंड पॉलिटिकल रिस्क’ क्लॉज जरूर देखें.
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