दुनियाभर के प्रॉपर्टी निवेशकों के लिए दुबई एक पसंदीदा डेस्टिेशन है. 2025 में यहां रियल एस्टेट से जुड़े 2.15 लाख से अधिक लेनदेन दर्ज किए गए थे और इनकी सेल्स वैल्यू करीब 187 अरब डॉलर थी. अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध लंबा खिंचा तो दुबई के रियल एस्टेट को बहुत नुकसान होगा.
दुबई दुनिय का फेवरेट रियल एस्टेट बाजार माना जाता है.
ब्रोकर्स ने कहा कि खाड़ी सहयोग परिषद (जीसीसी) देशों में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाकर किए गए मिसाइल हमलों से यह लंबे समय से चली आ रही धारणा दूर हो जाएगी कि दुबई संघर्षों के दौरान धन रखने के लिए एक सुरक्षित जगह है. इस धारणा के कारण ही पहले के क्षेत्रीय संकटों के बाद रूस, यूक्रेन, पाकिस्तान और अफगानिस्तान के निवेशकों को दुबई आकर्षित करने में सफल रहा था.
युद्ध का क्या होगा असर
ब्रोकर्स के मुताबिक, ईरान की ओर से दुबई के आसपास मौजूद अमेरिकी ठिकानों निशाना बनाए जाने के बाद निवेशक, इस बात की स्पष्टता का इंतजार कर सकते हैं कि क्या यह संघर्ष एक लंबे युद्ध युद्ध में बदल सकता है या जल्द समाप्त हो जाएगा. हालांकि, इस संघर्ष की दुबई के रियल एस्टेट में मांग कम हो सकती है, लेकिन कीमतों में फिलहाल गिरावट की संभावना नहीं है.
2025 में हुए 2.15 लाख
दुबई में 2025 में रियल एस्टेट से जुड़े 2.15 लाख से अधिक लेनदेन दर्ज किए गए थे और इनकी सेल्स वैल्यू करीब 187 अरब डॉलर थी. इसकी वजह लग्जरी प्रॉपर्टी की मांग और भारत समेत अन्य विदेशी खरीदारों का दुबई में प्रॉपर्टी निवेश में रुचि होना था.
ईरान ने किया हमला
विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों पर कई वीडियो फुटेज वायरल हैं, जिसमें ईरानी मिसाइलों और ड्रोनों को सैन्य ठिकानों और अन्य महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचों की ओर बढ़ते हुए देखा जा सकता है, जिन्हें स्थानीय सुरक्षा बलों ने नाकाम कर दिया. यूएई के सरकारी मीडिया के मुताबिक ईरानी हमलों से संबंधित एक व्यक्ति की मौत हुई है.
यूएई के अधिकारियों ने बताया कि पाम जुमेराह परिसर में एक इमारत पर हमला हुआ और चार लोग घायल हो गए, जबकि कई मीडिया रिपोर्टों में कहा गया कि दुनिया की सबसे ऊंची इमारत बुर्ज खलीफा को एहतियात के तौर पर खाली करा लिया गया था.
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