रेल मंत्रालय के एडीजी धर्मेन्द्र तिवारी के अनुसार भारतीय रेलवे ने 2025 में 3.03 करोड़ संदिग्ध आईआरसीटीसी आईडी बंद की, आधार ओटीपी से बुकिंग पारदर्शी हुई, कालाबाजारी रुकी, चाणक्यपुरी डेटा सेंटर और सीईआरटी-इन निगरानी बढ़ी.चेक करें कहीं आपकी तो नहीं है.
इस कदम से आम यात्रियों को हो रहा है फायदा.
रेल मंत्रालय द्वारा जारी रिपोर्ट के अनुसार बुकिंग में आधार ओटीपी अनिवार्य है. बुकिंग शुरू करने से पहले आधार नंबर डालना पड़ रहा है. लिंक्ड मोबाइल पर ओटीपी आता है. सही ओटीपी डालने पर ही आगे प्रोसेस होता है. इससे एक व्यक्ति के 10-20 फर्जी अकाउंट संभव नहीं. रेल मंत्रालय के एडीजी धर्मेन्द्र तिवारी के अनुसा जुलाई 2025 से शुरू यह सिस्टम कालाबाजारी पर ब्रेक लगा है. पहले आधे घंटे में वास्तविक यात्री बुकिंग कर पाते हैं. इससे पारदर्शिता बढ़ी है और शिकायतें घटीं हैं. आधार लिंकिंग आईआरसीटीसी प्रोफाइल में आसान है.
कैप्चा कई स्तरों पर लगा है. कंप्यूटर प्रोग्राम इसे क्रैक नहीं कर पाते है. बार-बार ट्राई व रुक गए है. अकामाई एंटी-बॉट टूल फर्जी ट्रैफिक तुरंत पकड़ लेता है. कंटेंट डिलीवरी नेटवर्क (सीडीएन) वेबसाइट तेज बनाता है. नेटवर्क फायरवॉल, इंट्रूजन प्रिवेंशन व वेब एप्लिकेशन फायरवॉल 24 घंटे सतर्क हैं. आईएसपी स्तर पर 30 जीबीपीएस डीडीओएस मिटिगेशन है.
रेलटेल डार्क वेब स्कैन कर रही. चाणक्यपुरी डेटा सेंटर सीसीटीवी व आईएसओ 27001 सर्टिफाइड है. सीईआरटी-इन 24×7 निगरानी रखता. शक के आधार पर 12,819 ईमेल डोमेन ब्लॉक किए गए हैं. राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल पर 376 शिकायतें हुई हैं. 3.99 लाख फर्जी बुकिंग पकड़ी गईं. सीईआरटी-इन एजेंसियां नियमित ऑडिट कर रही हैं.
ये कदम रेलवे टिकटों की कालाबाजारी खत्म कर रहा है और बुकिंग को आसान बना रहा है. अब तत्काल में सीटें ज्यादा मिल रही हैं. लंबी दूरी के सफर में पारदर्शिता बढ़ी हैं. इस तरह धीरे धीरे इस व्यवस्था को और बेहतर किया जा रहा है, जिससे वास्तविक यात्रियों को ही रिजर्वेशन मिल सके.
Discover more from Business News
Subscribe to get the latest posts sent to your email.