रेलवे का लक्ष्य सिर्फ नई ट्रेन चलाना नहीं है, बल्कि लंबी दूरी के प्रीमियम सफर को तेज और आरामदायक बनाना है. 1000 से 1500 किलोमीटर के बीच के रूट्स पर स्लीपर वर्जन उतारने की योजना है. चेयर कार वर्जन के साथ साथ अब स्लीपर पर खास जोर दिया जा रहा है, ताकि राजधानी और दुरंतो जैसी ट्रेनों का आधुनिक विकल्प तैयार किया जा सके.
2026 में स्लीपर ट्रेनों का बड़ा प्लान
भारतीय रेलवे ने 2026 में कुल 12 वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों को लॉन्च करने की योजना बनाई है. इनमें कुछ 16 कोच रेक होंगे और कुछ में ज्यादा क्षमता दी जा सकती है. आईसीएफ चेन्नई से मार्च 2026 के अंत तक 2 और 16 कोच वाले स्लीपर रेक रोल आउट होने की उम्मीद है. फिलहाल सिर्फ कामाख्या-हावड़ा वंदे भारत स्लीपर रूट जनवरी 2026 में शुरू हुआ है. बाकी रूट्स प्लानिंग या तैयारी के चरण में हैं.
संभावित और हाई डिमांड स्लीपर रूट्स
2026 में जिन प्रमुख ओवरनाइट रूट्स पर वंदे भारत स्लीपर चलाने की योजना है, उनमें शामिल हैं
- दिल्ली से मुंबई या दिल्ली से अहमदाबाद और आगे मुंबई एक्सटेंशन
- दिल्ली से हावड़ा या दिल्ली से कोलकाता
- दिल्ली से चेन्नई
- मुंबई से अहमदाबाद
- मुंबई से बेंगलुरु
- बेंगलुरु से हैदराबाद
- कटरा से श्रीनगर एक्सटेंशन, हालांकि 1 मार्च 2026 के लिए तय लॉन्च को तकनीकी कारणों से फिलहाल होल्ड पर रखा गया है
ये सभी रूट 1000 से 1500 किलोमीटर के बीच के हैं, जहां रात भर का सफर ज्यादा लोकप्रिय है और तेज कनेक्टिविटी की मांग रहती है.
चेयर कार वर्जन के नए रूट्स भी लाइन में
स्लीपर के साथ साथ चेयर कार वंदे भारत के भी कई नए रूट्स 2026 में देखने को मिल सकते हैं.
- उदयपुर से असरवा, जो अहमदाबाद के पास है, इस रूट पर छह दिन सप्ताह में सेवा की योजना है. स्टॉप में जावर, डूंगरपुर और हिम्मतनगर शामिल होंगे.
- बेंगलुरु से मंगलुरु या मंगलुरु से गोवा एक्सटेंशन, हालांकि घाट सेक्शन में तकनीकी मंजूरी अभी लंबित है.
- कटरा से श्रीनगर चेयर कार सेवा को भी फिलहाल रोक दिया गया है, नई तारीख घोषित नहीं हुई है.
बजट में बड़ा ऐलान
बजट 2026 में 28 नए वंदे भारत ट्रेन सेट्स की घोषणा की गई है. इनमें चेयर कार और स्लीपर दोनों शामिल होंगे. हालांकि सभी रूट्स अभी तय नहीं हैं, लेकिन हाई डिमांड कॉरिडोर जैसे दिल्ली से लखनऊ, बेंगलुरु से एर्नाकुलम और वाराणसी से खजुराहो एक्सटेंशन पर फोकस रहने की संभावना है. मुंबई से अहमदाबाद बुलेट ट्रेन कॉरिडोर पर भी वंदे भारत को बैकअप के रूप में 2027 से चलाने की योजना है, अगर बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट में देरी होती है.
कुल मिलाकर क्या है 2026 का टारगेट
2026 में रेलवे का लक्ष्य 12 स्लीपर ट्रेनों के साथ 28 नए वंदे भारत सेट्स जोड़ने का है, यानी करीब 40 से ज्यादा नई ट्रेनें सिस्टम में आ सकती हैं. फोकस साफ है, लंबी दूरी की ओवरनाइट स्लीपर सेवा और हाई डिमांड इंटर सिटी रूट्स पर तेज और प्रीमियम कनेक्टिविटी. आने वाले समय में वंदे भारत का अगला वर्जन भी तैयार हो रहा है, जिसमें कवच 5.0 जैसी उन्नत सुरक्षा प्रणाली और ज्यादा स्पीड क्षमता शामिल होगी. 2026 में इसके ट्रायल शुरू हो सकते हैं और 2027 से नई पीढ़ी की ट्रेनों की शुरुआत की उम्मीद है.
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