Stock Market : तीसरी तिमाही में विदेशी निवेशक भारतीय इक्विटी के बिकवाल रहे हैं. लेकिन, कुछ चुनिंदा शेयरों की खरीदारी भी एफआईआई ने की है. तीन शेयरों में तो इन्होंने अपनी हिस्सेदारी दस फीसदी से ज्यादा बढाई है.
ये कंपनियां हैं आईडीएफसी फर्स्ट बैंक, आर्टेमिस मेडिकेयर और नॉलेज मैरिन एंड इंजीनियरिंग. इन तीनों ही कंपनियों में FIIs की 10% से ज्यादा हिस्सेदारी बढ़ना इस बात का संकेत है कि उन्हें इन कंपनियों के बिजनेस मॉडल और भविष्य की विकास क्षमता पर गहरा भरोसा है.
बैंकिंग का नया ‘यूनिकॉर्न’ बना पसंद
IDFC First Bank ने अपनी आधुनिक बैंकिंग सेवाओं और आक्रामक विस्तार रणनीति से विदेशी निवेशकों को प्रभावित किया है. दिसंबर 2018 में IDFC Bank और Capital First के विलय के बाद बना यह बैंक अब रिटेल बैंकिंग, एसएमई लोन और क्रेडिट कार्ड जैसे क्षेत्रों में तेजी से पैर पसार रहा है. Q3FY26 में FIIs ने इस बैंक में अपनी हिस्सेदारी 12.12% बढ़ा दी है. इसके साथ ही बैंक में कुल विदेशी होल्डिंग अब 36.8% हो गई है. बैंक का फोकस लो-कॉस्ट डिपॉजिट और हाई-यिल्ड रिटेल लोन पर है. FASTag और वेल्थ मैनेजमेंट जैसे सेगमेंट में इसकी मजबूत पकड़ इसे लंबी अवधि के लिए एक आकर्षक दांव बनाती है.
आर्टेमिस मेडिकेयर के वैल्यूएशन ने खींचा ध्यान
दिल्ली-गुरुग्राम बेल्ट का प्रमुख मल्टी-स्पेशियलिटी अस्पताल आर्टेमिस मेडिकेयर सर्विसेज लिमिटेड अब विदेशी पोर्टफोलियो में अपनी जगह पक्की कर रहा है. 700 बेड और 40 से अधिक चिकित्सा विशेषज्ञताओं के साथ यह कंपनी अब अपने ‘ब्राउनफील्ड’ विस्तार पर ध्यान केंद्रित कर रही है. तीसरी तिमाही में विदेशी निवेशकों ने इसमें 12.1% नई हिस्सेदारी खरीदी है, जिससे कुल होल्डिंग 12.47% हो गई है.
कंपनी के वित्तीय आंकड़े भी मजबूती का संकेत दे रहे हैं. सालाना आधार पर (YoY) कंपनी की बिक्री 15% बढ़कर ₹270 करोड़ और शुद्ध लाभ 32.8% उछलकर ₹30 करोड़ हो गया है. सबसे खास बात इसका वैल्यूएशन है. जहाँ हॉस्पिटल इंडस्ट्री का औसत PE 46.5x है, वहीं आर्टेमिस अभी 37.7x PE पर ट्रेड कर रहा है, जो इसे अपेक्षाकृत सस्ता और आकर्षक बनाता है.
नॉलेज मैरिन एंड इंजीनियरिंग
शिपबिल्डिंग और समुद्री इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में काम करने वाली नॉलेज मैरिन एंड इंजीनियरिंग एक ऐसी कंपनी है जिसने अपनी मोनोपोली और लंबी अवधि के प्रोजेक्ट्स से दिग्गजों का ध्यान खींचा है. यह भारत और म्यांमार में ड्रेजिंग और समुद्री रखरखाव की सेवाएं देती है. इस स्मॉलकैप कंपनी में विदेशी निवेशकों ने 10.26% हिस्सेदारी बढ़ाई है. अब इसमें कुल FII होल्डिंग 11% के करीब है.
Discover more from Business News
Subscribe to get the latest posts sent to your email.