शुक्रवार, 30 जनवरी को सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही लाल निशान में बंद हुए. तीन दिन की तेजी के बाद मेटल और आईटी शेयरों में मुनाफावसूली देखने को मिली. निफ्टी 98 अंकों से ज्यादा टूटकर 25,320 के आसपास बंद हुआ, जबकि दिन के दौरान इसने 25,213 का निचला और 25,370 का ऊपरी स्तर भी छुआ. वहीं 30 शेयरों वाला सेंसेक्स करीब 297 अंकों की गिरावट के साथ 82,269 पर आकर ठहर गया. कुल मिलाकर निवेशक बजट से पहले कोई बड़ा जोखिम लेने के मूड में नजर नहीं आए.
क्या कहता है डर का मीटर India VIX
मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी साफ दिशा नहीं दिखी. मिडकैप इंडेक्स हल्की गिरावट के साथ बंद हुआ, जबकि स्मॉलकैप में मामूली तेजी देखने को मिली. डर का पैमाना माने जाने वाला इंडिया VIX लगभग 2 प्रतिशत उछलकर 13.63 पर पहुंच गया, जो यह इशारा करता है कि बाजार में आगे और ज्यादा उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है.
विदेशी निवेशकों ने की खरीदारी
संस्थागत निवेशकों की गतिविधियों पर नजर डालें तो विदेशी निवेशकों ने शुक्रवार को करीब 2,251 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों ने लगभग 601 करोड़ रुपये की बिकवाली की. जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के रिसर्च हेड विनोद नायर का कहना है कि बजट से पहले बाजार में अस्थिरता बनी हुई है. उनके मुताबिक, विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली, रुपये में कमजोरी, भू-राजनीतिक तनाव और वैश्विक टैरिफ से जुड़ी चिंताओं ने निवेशकों को सतर्क कर दिया है. उन्होंने कहा कि बजट से विकास को लेकर क्या संकेत मिलते हैं और सरकार वित्तीय अनुशासन पर कितना जोर देती है, इस पर बाजार की आगे की चाल निर्भर करेगी.
किस लेवल के ऊपर बन सकती है तेजी?
टेक्निकल्स के लिहाज से देखा जाए तो हाल के सत्रों में निफ्टी एक दायरे में घूमता रहा है. रिलायंस ब्रोकिंग के वरिष्ठ उपाध्यक्ष अजीत मिश्रा के अनुसार पिछले सात कारोबारी दिनों से निफ्टी लगभग 24,900 से 25,450 के बीच फंसा हुआ है. उनका मानना है कि अगर निफ्टी 25,350 के ऊपर टिकता है तो 25,600 तक की तेजी बन सकती है, लेकिन अगर यह 200 DMA यानी करीब 25,150 के नीचे फिसलता है तो बाजार की रिकवरी पटरी से उतर सकती है और 24,750 से 24,900 तक की गिरावट भी दिख सकती है. बजट वाले दिन विशेष ट्रेडिंग सत्र को देखते हुए उन्होंने हेज के साथ चलने की सलाह दी है.
सैमको सिक्योरिटीज के तकनीकी विश्लेषक ओम मेहरा का कहना है कि निफ्टी अभी भी 200 दिन की मूविंग एवरेज के ऊपर बना हुआ है, जो करीब 25,200 के आसपास है और यह मध्यम अवधि का अहम सपोर्ट है. हालांकि, इंडेक्स अभी भी छोटी और मध्यम अवधि की एवरेज से नीचे कारोबार कर रहा है, जिससे यह साफ होता है कि हालिया उछाल के बाद मजबूती की कमी है. उनके अनुसार 25,250 से 25,200 का दायरा मजबूत सहारा बना हुआ है और इसके नीचे जाने पर 25,000 तक फिसलने का खतरा रहेगा. ऊपर की तरफ 25,370 से 25,450 पहला बड़ा अवरोध (रेजिस्टेंस) है, जिसके पार जाने पर 25,500 से 25,550 की राह खुल सकती है.
क्या कहते हैं इंडिकेटर
मोमेंटम इंडिकेटर भी धीरे-धीरे बिकवाली के दबाव में कमी का संकेत दे रहे हैं. निफ्टी का RSI 40 के ऊपर बना हुआ है, जिससे यह माना जा रहा है कि मंदड़ियों का दबदबा कमजोर पड़ रहा है. सैमको सिक्योरिटीज के डेरिवेटिव्स एनालिस्ट धुपेश धमेजा का कहना है कि 25,500 के ऊपर साफ ब्रेकआउट आने पर खरीदारी तेज हो सकती है. वहीं 25,200 से 25,100 के आसपास की गिरावट को निवेशक खरीद के मौके के तौर पर देख सकते हैं. उनके मुताबिक 25,500 पहले मजबूत डिमांड जोन था, जो अब सप्लाई जोन बन चुका है और 20 दिन की ईएमए से भी मेल खाता है, इसलिए यह स्तर बेहद अहम हो गया है.
कहां बैठे हैं कॉल और पुट राइटर
डेरिवेटिव्स आंकड़ों पर नजर डालें तो कॉल राइटर्स ने 25,500 स्ट्राइक पर भारी पोजीशन बनाई है, जहां करीब 72 लाख से ज्यादा कॉन्ट्रैक्ट जुड़े हैं. इसका मतलब है कि बाजार को इसके ऊपर निकलने में काफी परेशानी हो सकती है. दूसरी ओर 25,000 स्ट्राइक पर लगभग 71 लाख पुट कॉन्ट्रैक्ट जुड़े हैं, जो इसे मजबूत सपोर्ट बनाता है. इसका मतलब है कि इस लेवल के नीचे निकलना भी आसान नहीं रहेगा. पुट-कॉल रेशियो 0.97 से गिरकर 0.76 पर आ गया है, जो बाजार में सतर्कता और अनिश्चितता को साफ दर्शाता है. कुल मिलाकर बजट के दिन बाजार की दिशा पूरी तरह सरकारी घोषणाओं पर टिकी रहेगी और निवेशकों को तेज उतार-चढ़ाव के लिए तैयार रहना होगा.
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