मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच शेयर बाजार में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है. इसी बीच भारत का वोलेटिलिटी इंडेक्स India VIX तेजी से बढ़ा है, जो बाजार में डर और अनिश्चितता को दिखाता है. ताजा आंकड़ों के मुताबिक, सिर्फ दो ट्रेडिंग सेशन में VIX 50% से ज्यादा उछलकर 21.14 पर पहुंच गया, जो मई 2025 के बाद सबसे ऊंचा स्तर है. आमतौर पर VIX के 20 से ऊपर जाने का मतलब होता है कि बाजार में आगे तेज उतार-चढ़ाव या बड़ी मूवमेंट देखने को मिल सकती है.
पिछले दो सेशन में इंडिया VIX 50 फीसदी से ज्यादा उछल गया. बुधवार को ये 21.14 पर बंद हुआ, जो पिछले क्लोज से 23.4 फीसदी ऊपर था. उससे पहले सोमवार को भी ये 25 फीसदी से ज्यादा बढ़ा था. कुल मिलाकर दो दिनों में 50 फीसदी से ज्यादा का उछाल आया है. ये लेवल आखिरी बार मई 2025 में देखा गया था. अभी ये 21.14 के आसपास है, जो काफी ऊपर है. आमतौर पर जब इंडिया VIX 20 से ऊपर जाता है तो बाजार में ज्यादा वोलेटिलिटी यानी तेज गिरावट या चढ़ाव की आशंका रहती है.
किस वजह से इंडिया VIX उछला?
इसकी वजह है मिडिल ईस्ट का संकट. अमेरिका और इजराइल ने ईरान पर हमला किया, जिसमें ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामनेई की मौत हो गई. इसके बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई की और पूरे इलाके में तनाव बहुत बढ़ गया. इससे क्रूड ऑयल की कीमतें तेजी से ऊपर चढ़ीं क्योंकि मिडिल ईस्ट से दुनिया का बड़ा हिस्सा तेल आता है. भारत को भी 55 फीसदी से ज्यादा क्रूड ऑयल मिडिल ईस्ट से मिलता है, तो यहां पर असर ज्यादा पड़ता है. तेल महंगा होने से महंगाई बढ़ सकती है, कंपनियों की लागत बढ़ती है और अर्थव्यवस्था पर दबाव पड़ता है.
इस संकट से शेयर बाजार में बिकवाली तेज हो गई. सेंसेक्स 80,000 के नीचे बंद हुआ और निफ्टी 24,500 से नीचे आ गया. एक दिन में सेंसेक्स 1,700 पॉइंट्स तक गिरा था और निफ्टी भी 24,400 के नीचे चला गया. रुपया भी डॉलर के मुकाबले रिकॉर्ड लो पर पहुंच गया, 92 के पार चला गया. गोल्ड ETF में भी गिरावट आई जबकि ग्लोबल में गोल्ड ऊपर था. विदेशी निवेशक भी पैसा निकाल रहे हैं, जो बाजार को और दबाव दे रहा है.
क्या आगे भी गिरेगा बाजार?
मनीकंट्रोल की रिपोर्ट के अनुसार, एक्सपर्ट्स का मानना है कि अभी वोलेटिलिटी बनी रह सकती है. ये तनाव कितने दिनों तक चलेगा, इस पर सब कुछ निर्भर है. अगर संकट जल्दी खत्म हो जाता है और तेल की कीमतें स्थिर हो जाती हैं तो बाजार रिकवर कर सकता है. लेकिन अगर ये लंबा चला तो और गिरावट आ सकती है. पिछले कुछ महीनों में भी ट्रंप की टैरिफ पॉलिसी, ग्लोबल स्लोडाउन और अब ये वॉर की वजह से बाजार में डर बना हुआ है. इंडिया VIX साल की शुरुआत से ही बहुत ऊपर चढ़ा है. निवेशकों के लिए ये समय सावधानी का है. जिन लोगों ने स्टॉक में पैसा लगाए हुए हैं उन्हें घबराना नहीं चाहिए, लेकिन नए निवेश सोच-समझकर करें. बड़े गिरावट के बाद अच्छी कंपनियां सस्ती मिल सकती हैं, लेकिन रिस्क भी ज्यादा है.
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