शुक्रवार को शेयर बाजार में जोरदार गिरावट दर्ज की गई, जिससे निवेशकों में चिंता बढ़ गई. आईटी और मेटल शेयरों में भारी बिकवाली के चलते सेंसेक्स 1,000 अंक से ज्यादा टूट गया. निफ्टी भी 25,500 के नीचे फिसल गया, जिससे बाजार का रुख कमजोर दिखा. कमजोर वैश्विक संकेत, बढ़ती अस्थिरता और रुपये की गिरावट ने दबाव और बढ़ा दिया.
निफ्टी 25,500 के नीचे फिसला, मेटल और आईटी सेक्टर में बड़ी गिरावट. (Image:AI)
आईटी सेक्टर में लगातार तीसरे दिन गिरावट
गिरावट की सबसे बड़ी वजह आईटी सेक्टर में आई तेज बिकवाली रही. आईटी इंडेक्स लगातार तीसरे सत्र में टूटा और इस हफ्ते अब तक करीब 11 प्रतिशत नीचे आ चुका है. बाजार में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के कारण कारोबार मॉडल पर असर की आशंका ने निवेशकों की धारणा कमजोर की है. Infosys, Tata Consultancy Services, HCL Technologies और Tech Mahindra जैसे दिग्गज शेयरों में 4 प्रतिशत तक गिरावट दर्ज की गई. जानकारों का कहना है कि आईटी कंपनियां भारत की कमाई का बड़ा हिस्सा हैं, ऐसे में इस सेक्टर की कमजोरी पूरे बाजार पर भारी पड़ रही है.
मेटल शेयरों में भी बड़ी टूट
आईटी के अलावा मेटल सेक्टर में भी जबरदस्त गिरावट देखने को मिली. मेटल इंडेक्स करीब 3 प्रतिशत टूट गया. Hindalco Industries के शेयर में 6 प्रतिशत तक की गिरावट आई, क्योंकि कंपनी का तिमाही मुनाफा 45 प्रतिशत घटा. बाजार में लगभग 948 शेयरों में बढ़त रही, जबकि 2,561 शेयर गिरावट के साथ बंद हुए. मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी बिकवाली देखने को मिली, जिससे संकेत मिलता है कि दबाव सिर्फ बड़े शेयरों तक सीमित नहीं रहा.
कमजोर वैश्विक संकेतों का असर
एशियाई बाजारों में भी कमजोरी रही. हांगकांग, जापान और चीन के प्रमुख सूचकांक लाल निशान में कारोबार करते दिखे. अमेरिका में भी टेक शेयरों में गिरावट रही. Nasdaq Composite में 2 प्रतिशत से ज्यादा गिरावट आई, जबकि S&P 500 और Dow Jones Industrial Average भी 1 प्रतिशत से अधिक टूटे. अमेरिका में मजबूत रोजगार आंकड़ों के बाद फेडरल रिजर्व द्वारा जल्द दर कटौती की उम्मीद कमजोर पड़ी है. इससे वैश्विक निवेशकों की जोखिम लेने की इच्छा घटी और इसका असर भारतीय बाजार पर भी पड़ा.
बढ़ी अस्थिरता और रुपया कमजोर
बाजार में डर का माहौल भी बढ़ा है. इंडिया VIX में 10 प्रतिशत से ज्यादा उछाल आया, जो निवेशकों की घबराहट को दर्शाता है. वहीं रुपया शुरुआती कारोबार में 8 पैसे गिरकर 90.69 प्रति डॉलर पर पहुंच गया. मजबूत डॉलर और घरेलू बाजार की कमजोरी ने रुपये पर दबाव बनाया. विशेषज्ञों का मानना है कि फिलहाल बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है. निफ्टी के लिए 25,500 का स्तर अहम समर्थन माना जा रहा है. यदि यह स्तर टूटता है तो और गिरावट संभव है. हालांकि, ऊपरी स्तरों पर मजबूती लौटने के संकेत भी मिल सकते हैं, लेकिन फिलहाल बाजार में सतर्कता जरूरी है.
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Rakesh Singh is a chief sub editor with 14 years of experience in media and publication. International affairs, Politics and agriculture are area of Interest. Many articles written by Rakesh Singh published in …और पढ़ें
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