ब्लूमबर्ग रिपोर्ट के मुताबिक MSCI इमर्जिंग मार्केट्स लैटिन अमेरिका इंडेक्स 11 साल के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है और 2026 में अब तक करीब 20 प्रतिशत चढ़ चुका है. ब्राजील, कोलंबिया और मेक्सिको के शेयर बाजारों में विदेशी निवेशकों की भारी खरीदारी, ब्याज दरों में संभावित कटौती और अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के टैरिफ फैसले ने इस रैली को तेज किया है, हालांकि स्थानीय निवेशक राजनीतिक अनिश्चितता को लेकर सतर्क बने हुए हैं.
लंबे समय तक नजरअंदाज किया गया लैटिन अमेरिका का इक्विटी बाजार अब निवेशकों के रडार पर है. खासतौर पर ब्राजील और कोलंबिया में होने वाले राष्ट्रपति चुनावों से पहले निवेशक बड़े पॉलिसी शिफ्ट और कम ब्याज दरों की उम्मीद लगा रहे हैं. इसके अलावा अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट द्वारा डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) के ग्लोबल टैरिफ को रद्द करने के फैसले ने भी इस क्षेत्र के बाजारों में सकारात्मक माहौल बनाया है, जिससे उभरते बाजारों में जोखिम लेने की भूख बढ़ी है.
ETF में रिकॉर्ड इनफ्लो
अमेरिका में लिस्टेड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स भी इस तेजी की पुष्टि कर रहे हैं. ब्लैकरॉक (BlackRock) के आईशेयर्स लैटिन अमेरिका 40 ईटीएफ में जनवरी महीने में ही 1 अरब डॉलर से ज्यादा का इनफ्लो देखा गया, जिससे इसका कुल एसेट्स अंडर मैनेजमेंट 4.3 अरब डॉलर तक पहुंच गया है.
इसी तरह आईशेयर्स MSCI ब्राजील ईटीएफ में जनवरी में पिछले एक दशक का सबसे मजबूत मासिक इनफ्लो देखा गया. अरबपति निवेशक स्टैनली ड्रकेनमिलर के फैमिली ऑफिस ने भी इस फंड में निवेश बढ़ाया, जिसके बाद यह ईटीएफ जनवरी में करीब 17 प्रतिशत चढ़ गया.
ब्राजील में राजनीति बना बड़ा ट्रिगर
ब्राजील के बाजारों में तेजी के पीछे राजनीति भी एक बड़ा फैक्टर है. निवेशक राष्ट्रपति लुइज इनासियो लुला दा सिल्वा की संभावित हार पर दांव लगा रहे हैं. वोंटोबेल के पोर्टफोलियो मैनेजर थिएरी लारोज के मुताबिक निवेशकों को लगता है कि अगर विपक्ष जीतता है तो बाजार के लिए ज्यादा फायदा होगा और अगर लुला सत्ता में रहते हैं तो नुकसान सीमित रहेगा. ट्रेडर्स को यह भी उम्मीद है कि ब्राजील का सेंट्रल बैंक मार्च से ब्याज दरों में कटौती शुरू कर सकता है, जो अभी करीब 15 प्रतिशत के स्तर पर है और लगभग दो दशक का उच्चतम स्तर है.
कोलंबिया में भी चुनावी सट्टा
कोलंबिया में भी निवेशक राइट विंग सरकार की संभावित जीत पर दांव लगा रहे हैं, जिससे एसेट प्राइस में उछाल आ सकता है. हालांकि विश्लेषकों ने चेतावनी दी है कि अगर लेफ्ट विंग सत्ता में आती है, तो बाजार में तेज गिरावट भी देखने को मिल सकती है. इसी राजनीतिक अनिश्चितता के कारण स्थानीय निवेशक अभी भी सतर्क बने हुए हैं और विदेशी निवेशकों के मुकाबले कम आक्रामक दिख रहे हैं.
विदेशी निवेशकों की रैली
इस समय लैटिन अमेरिका के बाजारों में विदेशी निवेशक तेजी से पैसा लगा रहे हैं, जबकि घरेलू निवेशक राजनीति और पॉलिसी रिस्क को लेकर सावधानी बरत रहे हैं. ग्लोबल निवेशकों के लिए यह क्षेत्र हाई रिटर्न और हाई रिस्क का कॉम्बिनेशन बन गया है, जहां ब्याज दर कटौती, राजनीतिक बदलाव और कमोडिटी साइकिल जैसे फैक्टर बड़े ट्रिगर बन सकते हैं.
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जय ठाकुर 2018 से खबरों की दुनिया से जुड़े हुए हैं. 2022 से News18Hindi में सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं और बिजनेस टीम का हिस्सा हैं. बिजनेस, विशेषकर शेयर बाजार से जुड़ी खबरों में रुचि है. इसके अलावा दे…और पढ़ें
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