म्यूचुअल फंड चुनते समय सिर्फ पिछले रिटर्न देखना काफी नहीं होता. सही फंड की पहचान के लिए जोखिम और स्थिरता को समझना जरूरी है. कुछ खास संकेत बताते हैं कि फंड वाकई मजबूत है या नहीं. इन ग्रीन फ्लैग्स को देखकर आप बेहतर निवेश निर्णय ले सकते हैं.
सही म्यूचुअल फंड कैसे चुनें? शार्प रेशियो से डाउनसाइड तक समझें. (Image:AI)
शार्प रेशियो 1 से ज्यादा हो
शार्प रेशियो यह बताता है कि फंड ने उठाए गए जोखिम के मुकाबले कितना बेहतर रिटर्न दिया. अगर किसी फंड का शार्प रेशियो 1 से ऊपर है, तो इसका मतलब है कि उसने जोखिम के अनुसार अच्छा प्रदर्शन किया है. आसान शब्दों में कहें तो फंड मैनेजर ने बाजार की उतार-चढ़ाव वाली परिस्थितियों को संतुलित तरीके से संभाला. लंबे समय के निवेश के लिए यह एक मजबूत संकेत माना जाता है.
पॉजिटिव अल्फा 0.75 फीसदी से ज्यादा
अल्फा यह दर्शाता है कि फंड ने अपने बेंचमार्क से बेहतर प्रदर्शन किया या नहीं. अगर किसी फंड का अल्फा लगातार 0.75 फीसदी से ऊपर है, तो यह बताता है कि फंड मैनेजर ने सही स्टॉक चयन और रणनीति के दम पर अतिरिक्त रिटर्न कमाया है. पॉजिटिव अल्फा का मतलब है कि प्रदर्शन किस्मत से नहीं, बल्कि कौशल से आया है.
इंफॉर्मेशन रेशियो 0.5 से ऊपर
इंफॉर्मेशन रेशियो यह मापता है कि फंड कितनी निरंतरता से अपने बेंचमार्क से बेहतर रहा. 0.5 से ज्यादा का रेशियो बताता है कि अतिरिक्त रिटर्न संयोग नहीं, बल्कि एक अनुशासित रणनीति का परिणाम है. यह संकेत देता है कि फंड मैनेजर बाजार की चाल समझकर लगातार बेहतर फैसले ले रहा है.
अपसाइड-डाउनसाइड कैप्चर संतुलित
अच्छा फंड वही है जो बाजार चढ़ने पर तेजी से बढ़े और गिरावट में नुकसान को सीमित रखे. अगर अपसाइड कैप्चर 100 फीसदी से ज्यादा है, तो फंड तेजी में बाजार से बेहतर लाभ देता है. वहीं, डाउनसाइड कैप्चर 100 फीसदी से कम होना चाहिए, ताकि गिरावट में नुकसान कम रहे. यह संतुलन निवेशक के पोर्टफोलियो को मजबूत बनाता है.
अलग-अलग अवधि में निरंतर प्रदर्शन
एक साल का शानदार रिटर्न भ्रामक हो सकता है. असली ताकत तब दिखती है जब फंड 3, 5 और 10 साल जैसी अलग-अलग अवधियों में भी अच्छा प्रदर्शन करे. अगर शार्प रेशियो, अल्फा और इंफॉर्मेशन रेशियो लंबे समय तक मजबूत बने रहें, तो यह स्थायी और भरोसेमंद प्रदर्शन का संकेत है. इन पांच ग्रीन फ्लैग को साथ में देखकर निवेशक ज्यादा आत्मविश्वास के साथ सही म्यूचुअल फंड चुन सकते हैं.
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Rakesh Singh is a chief sub editor with 14 years of experience in media and publication. International affairs, Politics and agriculture are area of Interest. Many articles written by Rakesh Singh published in …और पढ़ें
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