Nifty IT Index Crash Today: भारतीय शेयर बाजार ने आज गिरावट के साथ शुरुआत की, जिससे तीन दिन की तेजी थम गई. आईटी शेयरों में भारी बिकवाली के कारण सेंसेक्स और निफ्टी करीब आधा फीसदी गिर गए. सुबह 9:21 बजे तक सेंसेक्स 401 अंक और निफ्टी 120 अंक नीचे रहा. 12 फरवरी को निफ्टी आईटी इंडेक्स करीब 4% टूट गया, जबकि इंफोसिस, विप्रो और कोफोर्ज जैसे शेयरों में लगभग 5% की गिरावट आई. टीसीएस और विप्रो 52 हफ्ते के निचले स्तर पर पहुंच गए. 2026 की शुरुआत से अब तक निफ्टी आईटी इंडेक्स 10% गिर चुका है. आईटी शेयर्स में गिरावट की क्या वजहें, ये जानते हैं.
आज 12 फरवरी को निफ्टी आईटी इंडेक्स 4 प्रतिशत तक टूट गया है. कई बड़ी कंपनियों जैसे इंफोसिस, विप्रो और कोफोर्ज के शेयर करीब 5 प्रतिशत तक गिरे हैं. टीसीएस(TCS Stock) और विप्रो(Wipro Share) के शेयर नए 52 हफ्ते के निचले स्तर पर पहुंच गए. अमेरिका में इन कंपनियों के एडीआर भी रात भर में 4 प्रतिशत से ज्यादा गिरे थे. साल 2026 की शुरुआत से अब तक निफ्टी आईटी इंडेक्स 10 प्रतिशत नीचे आ चुका है और इंफोसिस व टीसीएस 10 प्रतिशत जबकि विप्रो 15 प्रतिशत से ज्यादा गिर चुके हैं.
किन वजहों से लुढ़का आईटी इंडेक्स?
इस गिरावट के पीछे तीन मुख्य वजहें हैं. पहली वजह आईटी सेक्टर में एआई यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के कारण होने वाली डिसरप्शन की चिंता है. अमेरिका में जेपी मॉर्गन, बैंक ऑफ अमेरिका जैसी कंपनियां और सॉफ्टवेयर वाली सेल्सफोर्स, इंट्यूट जैसी कंपनियां भी 2 से 4 प्रतिशत गिर रही हैं. लोग डर रहे हैं कि एआई पुराने आईटी मॉडल को बिगाड़ सकता है. फाइनेंशियल एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज के मुताबिक एआई को पुरानी सिस्टम के साथ जोड़ना मुश्किल है लेकिन लंबे समय में नई ग्रोथ दे सकता है.
दूसरी वजह अमेरिका की इकोनॉमी में कमजोरी और रेट कट की चिंता है. जनवरी में नॉनफार्म पेरोल जॉब्स 1.30 लाख आए जो अनुमान से ज्यादा थे लेकिन पिछले महीनों के आंकड़े नीचे संशोधित हुए. बेरोजगारी 4.3 प्रतिशत पर आई. अब शुक्रवार को आने वाले इन्फ्लेशन डेटा पर सबकी नजर है जो फेड रेट कट के फैसले को प्रभावित करेगा.
तीसरी वजह डॉलर का मजबूत होना है. मजबूत जॉब डेटा के बाद डॉलर इंडेक्स 97 के करीब पहुंच गया जिससे रेट कट की उम्मीद कम हुई है. इससे आईटी कंपनियों पर दबाव बढ़ा क्योंकि डॉलर मजबूत होने से एक्सपोर्ट वाली कंपनियों को फायदा कम होता है.
एनालिस्ट ने बताया अब आगे क्या करें निवेशक?
फाइनेंशियल एक्सप्रेस के अनुसार, एक्सपर्ट डॉ वीके विजयकुमार ऑफ जियोजित इन्वेस्टमेंट्स कहते हैं कि एंथ्रोपिक शॉक से टेक स्टॉक्स जल्दी रिकवर नहीं करेंगे. भारतीय आईटी कंपनियों के एडीआर में गिरावट से पता चलता है कि सेक्टर मुश्किल में है. हालांकि, मार्केट का अंडरटोन मजबूत है क्योंकि एफआईआई खरीदारी कर रहे हैं. आईटी सेक्टर में अभी दबाव बना हुआ है. निवेशकों को सावधानी बरतनी चाहिए और कंपनी के फंडामेंटल्स पर नजर रखनी चाहिए. ये गिरावट ग्लोबल संकेतों से जुड़ी है इसलिए आने वाले दिनों में इन्फ्लेशन डेटा और फेड के फैसले महत्वपूर्ण होंगे. भारतीय आईटी कंपनियां अमेरिका पर बहुत निर्भर हैं इसलिए वहां की स्थिति सीधा असर डालती है.
(Disclaimer: यहां बताए गए स्टॉक्स ब्रोकरेज हाउसेज की सलाह पर आधारित हैं. यदि आप इनमें से किसी में भी पैसा लगाना चाहते हैं तो पहले सर्टिफाइड इनवेस्टमेंट एडवायजर से परामर्श कर लें. आपके किसी भी तरह के लाभ या हानि के लिए News18 जिम्मेदार नहीं होगा.)
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