जानकारों का कहना है कि आने वाले सात सालों में रिलायंस का पूरा ध्यान एआई, डिजिटल नेटवर्क और बिजली की सप्लाई पर होगा. यह कंपनी की रणनीति में एक बहुत बड़ा बदलाव है. पहले कंपनी ने टेलीकॉम और रिटेल जैसे बिजनेस में बड़ा पैसा लगाया था, लेकिन अब उनका पूरा फोकस ‘इंटेलिजेंस इंफ्रास्ट्रक्चर’ यानी एआई के लिए जरूरी सेटअप तैयार करने पर है.
हाल ही में रिलायंस के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने एक बड़े कार्यक्रम में अपनी पूरी योजना सबके सामने रखी. उन्होंने साफ कहा कि यह निवेश बहुत सोच-समझकर और अनुशासन के साथ किया जाएगा. उनका मकसद भारत की अपनी कंप्यूटर क्षमता बढ़ाना और एआई को सस्ता बनाना है. अंबानी के मुताबिक, रिलायंस और जियो अब सिर्फ इंटरनेट देने तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि वे एआई की सेवाएं घर-घर पहुंचाएंगे.
एआई काम के लिए बनेंगे डेटा सेंटर
इस योजना के तहत कंपनी ऐसे डेटा सेंटर बनाएगी जो एआई के काम के लिए पूरी तरह तैयार होंगे. इन सेंटर्स को चलाने के लिए रिलायंस अपनी खुद की सोलर और ग्रीन एनर्जी, बिजली बचाने वाली बैटरी और सेमीकंडक्टर का सहारा लेगी. शुरुआत में 120 मेगावॉट की क्षमता साल 2026 के आखिरी महीनों तक तैयार हो जाने की उम्मीद है, जिसके बाद इसे धीरे-धीरे और बढ़ाया जाएगा.
मॉर्गन स्टैनली का हिसाब है कि इस काम के पहले हिस्से पर करीब 12 से 15 अरब डॉलर का खर्च आ सकता है. अच्छी बात यह है कि रिलायंस अपने मौजूदा बिजनेस से हर साल इतना पैसा कमा लेती है कि उसे इस नए काम के लिए बाहर से पैसे मांगने की जरूरत नहीं पड़ेगी.
फायदा कितना होगा?
ब्रोकरेज को यह भी लगता है कि एआई के इस बिजनेस से रिलायंस को उतना मुनाफा होगा, जितना उसे पहले के बिजनेस से भी नहीं हुआ. उम्मीद है कि टैक्स चुकाने के बाद इस निवेश पर मिलने वाला फायदा करीब 12 से 18 प्रतिशत तक हो सकता है, जो कि कंपनी के पुराने प्रोजेक्ट्स के मुकाबले काफी ज्यादा है. इसके अलावा, बाजार में इस बात की भी चर्चा है कि जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ (IPO) जल्द आ सकता है, जिसकी वैल्यू करीब 170 अरब डॉलर लगाई जा रही है. ऐसे में निवेशक बड़े गौर से देख रहे हैं कि रिलायंस अपने पैसे का इस्तेमाल भविष्य को बेहतर बनाने के लिए कैसे करती है.
अगर मार्केट की बात करें, तो पिछले शुक्रवार को रिलायंस का शेयर करीब 1 प्रतिशत बढ़कर 1,422.2 रुपये पर बंद हुआ. बीते एक साल में इस शेयर ने 15 प्रतिशत से ज्यादा का रिटर्न दिया है, जो निफ्टी की तुलना में कहीं बेहतर है. आज की तारीख में रिलायंस की कुल कीमत लगभग 19.1 लाख करोड़ रुपये हो चुकी है और बाजार के ज्यादातर बड़े एक्सपर्ट्स अब भी इस शेयर को खरीदने की सलाह दे रहे हैं.
(डिस्क्लेमर- नेटवर्क18 और टीवी18 कंपनियां चैनल/वेबसाइट का संचालन करती हैं, जिनका नियंत्रण इंडिपेंडेट मीडिया ट्रस्ट करता है, जिसमें रिलायंस इंडस्ट्रीज एकमात्र लाभार्थी है.)
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