सोमवार को भारतीय शेयर बाजार पर बड़ा दबाव देखने को मिल सकता है। गिफ्ट निफ्टी 737 अंक (करीब 3%) गिरकर 23,807 पर ट्रेड कर रहा है, जिससे कमजोर शुरुआत के संकेत मिल रहे हैं. अमेरिका-ईरान संघर्ष बढ़ने और कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल से दुनियाभर के बाजारों में बिकवाली दिखी है. एशियाई बाजारों में जापान का निक्केई 6.22% और कोरिया का कोस्पी 6.68% गिर गया, जबकि अमेरिका में डाउ जोन्स 0.95%, S&P 500 1.33% और नैस्डैक 1.59% नीचे बंद हुए. ऐसे में भारतीय शेयर बाजार का मूड आज कैसा हो सकता है, ये आपको बताते हैं.
तेल की कीमतें बहुत तेज बढ़ीं हैं. ब्रेंट क्रूड $109.19 प्रति बैरल पर पहुंच गया (17.8% ऊपर) और WTI $109.18 पर (20.11% ऊपर) आ गया है. यह जुलाई 2022 के बाद सबसे ऊंचा स्तर है. ईरान और इजराइल के बीच हमले से तेल सप्लाई बाधित होने का डर है. भारत तेल ज्यादातर आयात करता है, इसलिए महंगाई बढ़ सकती है और कंपनियों की लागत बढ़ेगी.
विदेशी निवेशकों (FII) की भारी बिकवाली
शुक्रवार को विदेशी निवेशकों ने बहुत पैसा निकाला था. इससे सेंसेक्स 1,097 पॉइंट (1.37%) गिरकर 78,918 पर बंद हुआ और निफ्टी 315 पॉइंट (1.27%) गिरकर 24,450 पर. यह गिरावट जारी रह सकती है. इसके अलावा ईरान ने खाड़ी में हमले किए और इजराइल ने तेहरान में तेल साइटों पर हमला किया. ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत के बाद उनके बेटे मोजतबा खामेनेई को नया लीडर बनाया गया. यह संघर्ष बढ़ने से पूरी दुनिया में डर फैल गया है. तेल सप्लाई रुकने का खतरा है, जिससे बाजार डर रहे हैं. फरवरी में अमेरिका में 92,000 नौकरियां घटीं (उम्मीद बढ़ने की थी). बेरोजगारी दर 4.4% हो गई. इससे वैश्विक अर्थव्यवस्था कमजोर दिख रही है, जो भारत जैसे उभरते बाजारों पर असर डालता है.
बाजार का मूड कैसा रहेगा?
सोना 2.5% गिरकर $5,041.89 प्रति औंस और चांदी 4% गिरकर $80.99 पर. अमेरिकी डॉलर मजबूत होने से ऐसा हुआ. लेकिन तेल महंगा होने से महंगाई का डर है, सोना सुरक्षित निवेश माना जाता है, पर फिलहाल दबाव में है. निवेशक अब युद्ध की खबरें, तेल की कीमतें, सोना-चांदी, विदेशी फंड फ्लो और महंगाई डेटा पर नजर रखेंगे. अगर युद्ध बढ़ा या तेल और महंगा हुआ तो बाजार में और उतार-चढ़ाव रहेगा. मिंट की रिपोर्ट के अनुसार, बाजार का मूड अभी नेगेटिव है. युद्ध और तेल की वजह से जोखिम बढ़ गया है. भारत जैसे देश को तेल महंगा पड़ने से महंगाई और आर्थिक दबाव बढ़ सकता है. ऐसे में निवेशकों को सतर्क रहना चाहिए और खबरों पर नजर रखनी चाहिए क्योंकि बाजार में उतार-चढ़ाव ज्यादा हो सकता है.
Discover more from Business News
Subscribe to get the latest posts sent to your email.