आंकड़ों पर नजर डालें तो साल 2025 लार्जकैप निवेशकों के लिए 11% की बढ़त वाला रहा, जबकि स्मॉलकैप इंडेक्स 7% और माइक्रोकैप लगभग 19% की गिरावट के साथ बंद हुए. नवंबर 2024 से शुरू हुआ यह गिरावट का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है और अकेले इस जनवरी में ही स्मॉलकैप इंडेक्स 7% से ज्यादा फिसल चुका है, जिससे निवेशकों के पोर्टफोलियो पर गहरा असर पड़ा है.
बाजार का बदला समीकरण: लार्जकैप बनाम स्मॉलकैप
आंकड़ों पर नज़र डालें तो 2025 में लार्जकैप निवेशकों ने 11% की बढ़त दर्ज की. इसके उलट, स्मॉलकैप इंडेक्स साल के अंत तक 7% की गिरावट देख चुका था और माइक्रोकैप की हालत तो और भी खराब रही, जहाँ 19% की चपत लगी.
मिडकैप का हाल: 2023 में 44.6% और 2024 में 24.5% की भारी बढ़त के बाद, 2025 में मिडकप केवल 5-6% की बढ़त ही बचा पाए.
जनवरी 2026: एक तरफा गिरावट
नवंबर के बाद से स्मॉलकैप इंडेक्स लगभग 11.5% टूट चुका है. अकेले इस जनवरी में ही इसमें 7% से ज्यादा की गिरावट आई है. कुछ दिग्गज छोटे शेयरों का हाल बुरा है:
- Kiri Industries: ~35% की गिरावट.
- Balu Forge: ~33% टूटा.
- Systematix और Lotus Chocolate: ~31% की गिरावट.
- अन्य नाम: Allied Blenders, Cupid और Nectar Lifesciences जैसे शेयरों ने भी चंद हफ्तों में 27% से 30% तक की वैल्यू गंवाई है.
एक्सपर्ट्स की राय: गिरावट की असली वजह
एनालिस्ट्स का मानना है कि यह केवल कीमतों (Valuations) का मसला नहीं है. कंपनियों की कमाई (Earnings) में कमजोरी और भविष्य के अनुमानों में कमी ने निवेशकों को डरा दिया है.
- अरुणागिरी (CEO, TrustLine Holdings): उनका कहना है कि स्मॉलकैप अभी भी अपने ऐतिहासिक औसत (Historical average) से महंगे हैं. गिरावट के बाद ये 25-26x पर हैं, लेकिन फिर भी और गिरावट की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता.
- वी श्रीवत्सव (UTI AMC): उनके अनुसार, लार्जकैप अब रिकवरी की अगुवाई करेंगे क्योंकि उनके पास पैमाना (Scale) और वित्तीय मजबूती है.
- सुनील शर्मा (Ambit Global): उन्होंने चेतावनी दी है कि बिना सोचे-समझे स्मॉलकैप में पैसा डालना अब ‘खतरनाक’ है. अब केवल अनुभवी फंड मैनेजरों के जरिए ही सही शेयरों का चुनाव (Selectivity) काम आएगा.
- अनुपम तिवारी (Groww Mutual Fund): उनके मुताबिक 2026 में केवल वही स्मॉलकैप टिकेंगे जो क्वालिटी और अनुशासन के साथ बढ़ेंगे.
क्या और गिरेगा बाजार?
एम्बके ग्लोबल (Emkay Global) के अनुसार, निफ्टी स्मॉलकैप 250 फिलहाल 16,000 के करीब एक महत्वपूर्ण आधार (Crucial base) पर है. अगर यह स्तर टूटता है, तो इंडेक्स सीधा 15,400 तक जा सकता है, जो निवेशकों के लिए और बड़ा झटका होगा.
बाजार अब ‘हवा’ के बजाय ‘हकीकत’ पर चल रहा है. निवेशकों के लिए संदेश साफ है अब हर गिरावट पर खरीदारी (Buy on dips) का समय नहीं है. 2026 में केवल वही बचेंगे जो अनुशासन और कंपनी की क्वालिटी को प्राथमिकता देंगे.
Discover more from Business News
Subscribe to get the latest posts sent to your email.