विजय केडिया की स्माइल (एसएमआईएलई) फिलॉसफी काफी मशहूर है, जिसका मतलब है स्मॉल इन साइज, मीडियम इन एस्पीरेशन, एक्स्ट्रा ऑर्डिनेरी रिटर्न्स. इस फिलॉसफी के तहत केडिया छोटे लेकिन हाई पोटेंशियल वाले बिजनेस में निवेश करते हैं. लेकिन हाई वैल्यूएशन पर एसएमई स्टॉक में एंट्री करना कई सवाल खड़े करता है. क्या यह उनकी पुरानी रणनीति का नया अध्याय है या एसएमई मार्केट की रिस्की सच्चाई का संकेत है.
किस कंपनी में किया निवेश
एफई की एक खबर के अनुसार, उन्होंने हाल ही में साइबर सिक्योरिटी कंपनी सेट्रिक्स इंफॉर्मेशन सिक्योरिटी लिमिटेड में निवेश किया है. यह कंपनी डेटा प्रोटेक्शन, थ्रेट डिटेक्शन और साइबर सिक्योरिटी सर्विसेज देती है और इसके क्लाइंट्स भारत, अमेरिका और यूएई में मौजूद हैं. फरवरी 2026 में कंपनी का मार्केट कैप करीब 292 करोड़ रुपये था. केडिया ने करीब 914,906 शेयर खरीदे, जिससे उन्हें करीब 8 प्रतिशत हिस्सेदारी मिली. यह डील 10 फरवरी 2026 को प्रेफरेंशियल अलॉटमेंट के जरिए हुई और खास बात यह रही कि यह शेयर स्वैप के जरिए हुआ, कैश ट्रांजेक्शन नहीं था.
कंपनी की वित्तीय स्थिति
कंपनी के फाइनेंशियल्स भी ग्रोथ स्टोरी दिखाते हैं. आरओसीई करीब 24 प्रतिशत है, जो इंडस्ट्री एवरेज से ज्यादा है. डेब्ट टू इक्विटी 0.09 है, यानी कंपनी लगभग कर्ज मुक्त है. सेल्स वित्त वर्ष 21 में 21 करोड़ रुपये से बढ़कर वित्त वर्ष 25 में 45 करोड़ रुपये हो गई, जो करीब 21 प्रतिशत सीएजीआर ग्रोथ है. नेट प्रॉफिट भी वित्त वर्ष 21 में 1.94 करोड़ रुपये से बढ़कर वित्त वर्ष 25 में 4.05 करोड़ रुपये हो गया, जो करीब 20 प्रतिशत सीएजीआर है. शेयर प्राइस जून 2024 में लिस्टिंग के समय करीब 150 रुपये था, जो फरवरी 2026 में 425 रुपये तक पहुंच गया, यानी करीब 183 प्रतिशत से ज्यादा रिटर्न. लेकिन कंपनी का पीई करीब 51 गुना है, जो इंडस्ट्री एवरेज से लगभग दोगुना है, यानी स्टॉक महंगा ट्रेड कर रहा है.
एसएमई में पहली खरीदारी नहीं
केडिया की यह पहली एसएमई होल्डिंग नहीं है. उनकी पुरानी होल्डिंग इनोवेटर्स फसाड सिस्टम्स लिमिटेड में करीब 10.7 प्रतिशत हिस्सेदारी है. यह कंपनी बिल्डिंग के लिए एल्युमिनियम फसाड सिस्टम्स बनाती है. फरवरी 2026 में इसका मार्केट कैप करीब 319 करोड़ रुपये था. केडिया ने इस कंपनी में 2018 से निवेश किया हुआ है, यानी करीब 8 साल की लंबी होल्डिंग.
कंपनी की वित्तीय स्थिति
इस कंपनी के फाइनेंशियल्स भी टर्नअराउंड स्टोरी दिखाते हैं. वित्त वर्ष 20 में सेल्स 141 करोड़ रुपये थी, जो वित्त वर्ष 25 में 221 करोड़ रुपये तक पहुंच गई. इबिटा वित्त वर्ष 20 में 16 करोड़ रुपये से बढ़कर वित्त वर्ष 25 में 32 करोड़ रुपये हो गया. नेट प्रॉफिट वित्त वर्ष 20 में 8 करोड़ रुपये का लॉस था, जो वित्त वर्ष 25 में 16 करोड़ रुपये के प्रॉफिट में बदल गया. शेयर प्राइस फरवरी 2021 में 43 रुपये था, जो फरवरी 2026 में 169 रुपये तक पहुंच गया, यानी करीब 293 प्रतिशत रिटर्न. कंपनी का पीई करीब 25 गुना है, जो इंडस्ट्री एवरेज से कम है और वैल्यूएशन रीजनेबल माना जाता है. कंपनी नए प्रोजेक्ट्स के लिए बिड कर रही है और फार्मास्यूटिकल क्लीन रूम और मैन्युफैक्चरिंग अपग्रेड जैसे सेक्टर में एंट्री की योजना बना रही है.
एसएमई के बारे में
यहां एसएमई मार्केट की सच्चाई समझना जरूरी है. एसएमई स्टॉक्स में लिक्विडिटी कम होती है, क्योंकि फिक्स्ड लॉट ट्रेडिंग होती है. गिरावट में शेयर बेचना मुश्किल हो सकता है. छोटी इक्विटी बेस के कारण मैनिपुलेशन और पंप एंड डंप का खतरा ज्यादा रहता है. कई बार रिपोर्टिंग भी कमजोर होती है, जिससे कंपनी की असली फाइनेंशियल हेल्थ समझना मुश्किल हो जाता है.
चाल के उलट राह
केडिया का मूव काफी कंट्रेरियन माना जा रहा है. जब कई निवेशक मिडकैप और स्मॉलकैप बबल से डर रहे हैं, केडिया माइक्रोकैप में दांव लगा रहे हैं. सेट्रिक्स में हाई पीई पर खरीद मोमेंटम और ग्रोथ स्टोरी पर भरोसा दिखाती है, जबकि इनोवेटर्स में लंबी होल्डिंग टर्नअराउंड स्टोरी पर उनके विश्वास को दर्शाती है. विजय केडिया की स्माइल फिलॉसफी भी समय के साथ बदलती दिख रही है. पहले वे ज्यादातर वैल्यू इन्वेस्टमेंट करते थे और कम पीई वाले स्टॉक्स खरीदते थे. अब सेट्रिक्स जैसे हाई वैल्यूएशन स्टॉक में एंट्री दिखाती है कि वे अब ग्रोथ और मार्केट लीडरशिप पर भी दांव लगा रहे हैं. यह बताता है कि उनका निवेश स्टाइल डायनामिक है और बाजार के साथ इवॉल्व होता है.
(Disclaimer: यहां बताए गया स्टॉक्स सिर्फ जानकारी देने के उद्देश्य से हैं. यदि आप इनमें से किसी में भी पैसा लगाना चाहते हैं तो पहले एक्सपर्ट से परामर्श कर लें. आपके किसी भी तरह की लाभ या हानि के लिए लिए News18 जिम्मेदार नहीं होगा.)
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