Wipro Share Crash: आईटी सेक्टर में विप्रो फिलहाल सबसे कमजोर कड़ी साबित हो रही है. आज विप्रो शेयर में जोरदार गिरावट आई है. जानकारों का मानना है कि जब तक कंपनी अपनी रेवेन्यू ग्रोथ और डील एग्जीक्यूशन में स्पष्ट सुधार नहीं दिखाती, तब तक शेयर में बड़ी तेजी की संभावना कम है.
शेयर बाजार में इस गिरावट की सबसे बड़ी वजह विप्रो द्वारा चौथी तिमाही (Q4) के लिए दिया गया रेवेन्यू अनुमान है. कंपनी ने कॉन्स्टेंट करेंसी रेवेन्यू ग्रोथ 0% से 2% के बीच रहने का अनुमान जताया है. यह बाजार के जानकारों की उम्मीदों (1% से 3%) से काफी कम है. विश्लेषकों का मानना है कि आईटी सेक्टर में छंटनी और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता के बीच विप्रो का यह सुस्त अनुमान यह दर्शाता है कि कंपनी को अभी भी पटरी पर लौटने में वक्त लगेगा.
ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म मॉर्गन स्टैनली (Morgan Stanley) ने विप्रो शेयर की रेटिंग को “इक्वलवेट” से घटाकर सीधे “अंडरवेट” कर दिया है. इसके साथ ही विप्रो का टारगेट प्राइस भी 270 रुपये से काटकर 242 रुपये कर दिया गया है. ब्रोकरेज का कहना है कि पिछले एक साल में विप्रो ने अपनी प्रतिस्पर्धी कंपनियों के मुकाबले अपनी स्थिति सुधारी थी, लेकिन अब हालात बदल रहे हैं. रिपोर्ट में स्पष्ट कहा गया है कि डील्स (Deal Wins) का वास्तविक रेवेन्यू में बदलाव उम्मीद से काफी धीमा है.
ब्रोकरेज दिग्गज जेफरीज (Jefferies) ने भी विप्रो पर अपना नेगेटिव रुख बरकरार रखा है. जेफरीज ने स्टॉक को “अंडरपरफॉर्म” रेटिंग देते हुए मात्र 220 रुपये का टारगेट तय किया है. जेफरीज के मुताबिक, नई डील्स के ‘रैम्प-अप’ (काम शुरू होने) में देरी और हालिया अधिग्रहणों के खर्च के चलते आने वाले समय में कंपनी के ऑपरेटिंग मार्जिन पर भारी दबाव रह सकता है.
अगर चार्ट पर देखें तो विप्रो शेयर ने अपने प्रमुख सपोर्ट लेवल को तोड़ दिया है. 242 रुपये के आसपास ट्रेड कर रहा यह शेयर अब अपने अगले मजबूत सपोर्ट लेवल की तलाश में है. यदि यह गिरावट जारी रहती है तो शेयर 230-225 रुपये के दायरे में जा सकता है.
ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म मॉर्गन स्टैनली (Morgan Stanley) ने विप्रो शेयर की रेटिंग को “इक्वलवेट” से घटाकर सीधे “अंडरवेट” कर दिया है. इसके साथ ही विप्रो का टारगेट प्राइस भी 270 रुपये से काटकर 242 रुपये कर दिया गया है. ब्रोकरेज का कहना है कि पिछले एक साल में विप्रो ने अपनी प्रतिस्पर्धी कंपनियों के मुकाबले अपनी स्थिति सुधारी थी, लेकिन अब हालात बदल रहे हैं. रिपोर्ट में स्पष्ट कहा गया है कि डील्स (Deal Wins) का वास्तविक रेवेन्यू में बदलाव उम्मीद से काफी धीमा है.
ब्रोकरेज दिग्गज जेफरीज (Jefferies) ने भी विप्रो पर अपना नेगेटिव रुख बरकरार रखा है. जेफरीज ने स्टॉक को “अंडरपरफॉर्म” रेटिंग देते हुए मात्र 220 रुपये का टारगेट तय किया है. जेफरीज के मुताबिक, नई डील्स के ‘रैम्प-अप’ (काम शुरू होने) में देरी और हालिया अधिग्रहणों के खर्च के चलते आने वाले समय में कंपनी के ऑपरेटिंग मार्जिन पर भारी दबाव रह सकता है.
अगर चार्ट पर देखें तो विप्रो शेयर ने अपने प्रमुख सपोर्ट लेवल को तोड़ दिया है. 242 रुपये के आसपास ट्रेड कर रहा यह शेयर अब अपने अगले मजबूत सपोर्ट लेवल की तलाश में है. यदि यह गिरावट जारी रहती है तो शेयर 230-225 रुपये के दायरे में जा सकता है.
(Disclaimer: यहां बताए गए स्टॉक्स ब्रोकरेज हाउसेज की सलाह पर आधारित हैं. यदि आप इनमें से किसी में भी पैसा लगाना चाहते हैं तो पहले सर्टिफाइड इनवेस्टमेंट एडवायजर से परामर्श कर लें. आपके किसी भी तरह की लाभ या हानि के लिए लिए News18 जिम्मेदार नहीं होगा.)
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