Husband Wife Success Story: बुरहानपुर के महेश जैन और उनकी पत्नी की यह कहानी बताती है कि छोटी शुरुआत भी बड़ी सफलता में बदल सकती है. जब महेश की नौकरी चली गई तो उनकी पत्नी ने अपनी गुल्लक फोड़कर 15 हजार रुपए दिए और यहीं से उनके बिजनेस की शुरुआत हुई. फुटपाथ पर कटलरी, गमछे, टोपी और चश्मे बेचने से शुरू हुआ यह काम आज हर साल लाखों की कमाई दे रहा है. महेश पिछले 10 सालों से पुराने जिला अस्पताल के पास दुकान लगाकर मेहनत कर रहे हैं. यह प्रेरणादायक कहानी बताती है कि हिम्मत, मेहनत और परिवार का साथ हो तो मुश्किल हालात भी सफलता की राह बना देते हैं.
उस गुल्लक में करीब 15 हजार रुपए थे. बस यहीं से दोनों की नई जिंदगी की शुरुआत हुई. आज वही छोटा सा काम बढ़कर ऐसा बन गया है कि पति-पत्नी मिलकर हर साल लाखों रुपए कमा रहे हैं.
गुल्लक के पैसों से शुरू हुआ छोटा सा कारोबार
महेश जैन बताते हैं कि पहले वे दूसरों के यहां काम करते थे. जब काम छूट गया तो समझ नहीं आ रहा था कि क्या करें. तभी उनकी पत्नी ने अपनी गुल्लक फोड़ दी. उसमें जमा 15 हजार रुपए निकालकर उन्होंने कहा कि इससे कोई छोटा काम शुरू कर लो.
महेश उन पैसों से कटलरी का सामान, रुमाल, गमछे, टोपी और चश्मे खरीदकर लाए. इसके लिए वे इंदौर, जलगांव और मुंबई जैसे शहरों से सामान लेकर आए और फुटपाथ पर दुकान लगाना शुरू कर दिया.
शुरुआत में आईं कई मुश्किलें
महेश बताते हैं कि शुरुआत का समय बिल्कुल आसान नहीं था. कई बार पूरा दिन बैठने के बाद भी बिक्री बहुत कम होती थी. लेकिन उन्होंने और उनकी पत्नी ने हार नहीं मानी. धीरे-धीरे लोगों को उनके सामान की अच्छी क्वालिटी और कम कीमत पसंद आने लगी. इसके बाद ग्राहक बढ़ते चले गए. आज हालत यह है कि सुबह से शाम तक उनकी दुकान पर खरीदार आते रहते हैं.
पुराने जिला अस्पताल के पास लगती है दुकान
महेश पिछले 10 सालों से पुराने जिला अस्पताल के पास फुटपाथ पर दुकान लगा रहे हैं. उनकी दुकान सुबह 10 बजे से रात 8 बजे तक लगती है. यहां उन्हें हर दिन अच्छे ग्राहक मिल जाते हैं. उनकी दुकान पर 30 रुपए से लेकर 300 रुपए तक का सामान मिलता है, इसलिए हर वर्ग के लोग यहां खरीदारी करने पहुंचते हैं.
आज हर साल लाखों की कमाई
महेश जैन बताते हैं कि लगातार मेहनत और ईमानदारी से काम करने का ही नतीजा है कि आज उनका काम अच्छा चल रहा है. आज उनके इस छोटे से फुटपाथ व्यवसाय से हर साल करीब 2 से 3 लाख रुपए की कमाई हो जाती है. महेश कहते हैं कि अगर उस दिन उनकी पत्नी हिम्मत न देती और गुल्लक के पैसे न देती तो शायद आज उनका अपना कारोबार नहीं होता.
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Shweta Singh, currently working with News18MPCG (Digital), has been crafting impactful stories in digital journalism for more than two years. From hyperlocal issues to politics, crime, astrology, and lifestyle,…और पढ़ें
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