Success Story: छतरपुर की एक बहू ने सास-ससुर से ऐसा हुनर सीखा कि अब वह मिट्टी को मनचाहा आकार दे देती हैं. खिलौने से लेकर तवा, भगोना तक सब बना देती हैं. यही नहीं करीब 22 साल से वह अपने हुनर की बदौलत मोटी कमाई भी कर रही हैं. जानें कैसे…
खिलौने से लेकर घर-गृहस्थी का सामान
गीता बताती हैं कि वह खिलौने में मछली, घोड़ा, हांथी, मोटर गाड़ी के साथ सभी तरह का शोपीस सामान बनाती हैं. साथ ही वह किचन में आने वाले सभी तरह का सामान बनाती हैं. वह मिट्टी के ऐसे तवे बनाती हैं, जिसे गैस चूल्हा या मिट्टी चूल्हा में भी रख सकते हैं. इसमें रोटी-पराठा सब बना सकते हैं. साथ ही मिट्टी की कढ़ाई, दही जमाने का बर्तन, सब्जी और चावल रखने का बर्तन भी बनाती हैं. इसके अलावा अखंड ज्योति जैसे पूजा-पाठ के भी आइटम भी उनके पास हैं.
सास-ससुर से सीखा हुनर
गीता बताती हैं कि मैं किताबों में जो चित्र देखती हूं, वहीं मिट्टी से बना लेती हूं. यही मेरी कला है. मैंने ये हुनर अपने सास-ससुर से सीखा था. पहले वह बनाते थे, तो उन्हीं को देखकर बनाना सीख गए.
10 से 500 रुपए तक के आइटम
गीता बताती हैं कि उनके पास 10 रुपये से लेकर 500 रुपए तक के आइटम मिलते हैं. उनके यहां छोटा आइटम दीपक से लेकर सुराहा, पानी की बॉटल और बड़ा भगाेना ये सब सस्ते से लेकर महंगे दामों में मिलते हैं. मिट्टी का बड़ा भगोना 450 रुपए में है.
महीने की कमाई एक लाख!
गीता बताती हैं कि मेरे यहां मिट्टी के जो सामान मिलते हैं, वह सब बिकते हैं. क्योंकि, लोग महंगा आइटम नहीं देखते, बल्कि क्वालिटी देखते हैं. उन्हें पता है कि मेरे हाथ का बनाया सामान सालों टिकता है. सेहत के लिहाज से एकदम सही है. हमारे यहां सर्दी और गर्मी मौसम के हिसाब से सब आइटम हैं. कई एक महीने में बहुत बढ़िया कमाई हो जाती है. खासकर कई बार गर्मी सीजन में एक महीने में लाख रुपए तक का सामान भी बिका है.
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एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय. प्रिंट मीडिया से शुरुआत. साल 2023 से न्यूज 18 हिंदी के साथ डिजिटल सफर की शुरुआत. न्यूज 18 के पहले दैनिक जागरण, अमर उजाला में रिपोर्टिंग और डेस्क पर कार्य का अनुभव. म…और पढ़ें
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