ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध ने वैश्विक तेल बाजार में जबरदस्त उथल-पुथल मचा दी है. कीमतों में तेजी को रोकने के लिए कई देशों ने इमरजेंसी तेल भंडार से रिकॉर्ड मात्रा में तेल निकालने का फैसला किया है, लेकिन इसके बावजूद बाजार में आग शांत नहीं हो रही है. इसी संकट के बीच रूस को बड़ा आर्थिक फायदा हो रहा है. एनर्जी मार्केट पर नजर रखने वाली एक संस्था के मुताबिक, सिर्फ दो हफ्तों में रूस ने करीब 7 अरब यूरो से ज्यादा की कमाई कर डाली है.
भारत ने भी रूस से अपना दैनिक तेल आयात फरवरी के मुकाबले 50 फीसदी बढ़ा दिया है.
तेल की बढ़ती कीमतों को काबू में लाने के लिए दुनिया के कई देशों ने मिलकर बड़ा कदम उठाया है. अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी के सदस्य देशों ने आपातकालीन भंडार से रिकॉर्ड 40 करोड़ बैरल तेल बाजार में छोड़ने पर सहमति जताई है. यह मात्रा इतनी बड़ी है कि यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद जारी किए गए पिछले रिकॉर्ड से भी दोगुना ज्यादा बताई जा रही है.
32 देशों ने निकाला एक्स्ट्रा तेल
ब्रिटेन और अमेरिका सहित इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी के सभी 32 सदस्य देशों ने इस फैसले का समर्थन किया है. तेल की कीमतों में युद्ध शुरू होने के बाद से करीब 25 प्रतिशत तक तेजी देखी जा चुकी है. हालांकि इतनी बड़ी मात्रा में तेल जारी करने के बाद भी इसका असर सीमित ही माना जा रहा है. विशेषज्ञों के मुताबिक यह तेल दुनिया की कुल मांग के हिसाब से सिर्फ तीन से चार दिन की जरूरत पूरी करने जितना ही है.
रूस को हुआ बड़ा आर्थिक फायदा
तेल की इसी तेजी ने रूस की कमाई को भी बढ़ा दिया है. ऊर्जा बाजार का विश्लेषण करने वाली संस्था सेंटर फॉर रिसर्च ऑन एनर्जी एंड क्लीन एयर की एक रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध शुरू होने के बाद सिर्फ दो हफ्तों में रूस ने करीब 6.9 अरब यूरो की अतिरिक्त कमाई कर ली है. रिपोर्ट के अनुसार, रूस को हर दिन करीब 51 करोड़ यूरो की अतिरिक्त आय हो रही है. विश्लेषण में यह भी बताया गया है कि इतनी कमाई से रूस हर दिन हजारों ड्रोन खरीद सकता है. एक ड्रोन की अनुमानित कीमत करीब 35 हजार डॉलर मानी जाती है.
युद्ध और तेल बाजार का गहरा संबंध
ऊर्जा विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक संघर्षों के दौरान तेल अक्सर एक रणनीतिक हथियार की तरह इस्तेमाल होने लगता है. सप्लाई पर थोड़ा सा भी खतरा पैदा होते ही बाजार में कीमतें तेजी से बढ़ जाती हैं. मौजूदा हालात में भी यही देखा जा रहा है. युद्ध के कारण तेल की कीमतों में आई तेजी से दुनिया के कई देशों को महंगा ईंधन झेलना पड़ रहा है, जबकि तेल निर्यात करने वाले देशों की कमाई तेजी से बढ़ रही है. यही वजह है कि जिस तेल की कीमतों ने दुनिया भर में महंगाई और आर्थिक चिंता बढ़ा दी है, उसी ने रूस की कमाई में अचानक बड़ा उछाल ला दिया है.
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जय ठाकुर 2018 से खबरों की दुनिया से जुड़े हुए हैं. 2022 से News18Hindi में सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं और बिजनेस टीम का हिस्सा हैं. बिजनेस, विशेषकर शेयर बाजार से जुड़ी खबरों में रुचि है. इसके अलावा दे…और पढ़ें
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