Vande Bharat Sleeper- रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि वंदे भारत स्लीपर ट्रेन के 260 रेक बनेंगे, बीईएमएल और इंटीग्रल कोच फैक्ट्री मिलकर बना रही हैं, हावड़ा-कामाख्या रूट पर दो रेक चल रहे हैं. ये ट्रेनें लंबी दूरी की यात्रा को पूरी तरह बदल देंगी, क्योंकि इनमें आधुनिक सुरक्षा और आराम की सुविधाएं होंगी.
260 ट्रेन बनने के बाद छोटे शहर भी कनेक्ट हो सकेंगे.
वंदे भारत स्लीपर का विकास प्रॉपर तरीके से हो रहा है. पहले प्रोटोटाइप बनाया जाता है, फिर कई जांच और ट्रायल चलते हैं, उसके बाद बड़े पैमाने पर उत्पादन शुरू होता है. ये काम बीईएमएल और चेन्नई की इंटीग्रल कोच फैक्ट्री साथ मिलकर कर रही हैं, साथ ही टेक्नोलॉजी पार्टनर भी शामिल हैं. अभी दो स्लीपर रेक तैयार हो चुके हैं, जो हावड़ा-कामाख्या रूट पर चल रहे हैं. बाकी ट्रेनों को भी धीरे-धीरे यात्रियों की जरूरत और तैयारियों के हिसाब से सेवा में लाया जाएगा. इन ट्रेनों में कई खास फीचर्स हैं, जो यात्रा को सुरक्षित और आरामदायक बनाते हैं. इतनी संख्या में ट्रेन बनने के बाद छोटे शहरों से भी इन्हें चलाया जा सकेगा.
क्या हैं खासियत
झटका-रहित सेमी-पर्मानेंट कपलर और एंटी-क्लाइंबर, कवच सिस्टम लगा हुआ है. 180 किमी/घंटा की डिजाइन स्पीड (ऑपरेटिंग 160 किमी/घंटा) है. क्रैशवर्थी बॉडी जो यूरोपीय ईएन स्टैंडर्ड पर बनी है. हर कोच के अंत में फायर बैरियर दरवाजे, इलेक्ट्रिकल कैबिनेट और शौचालय में एयरोसॉल आधारित आग का पता लगाने और बुझाने वाला सिस्टम, रिजनरेटिव ब्रेकिंग से बिजली बचत, एसी में यूवी सी लैंप से हवा को 99% बैक्टीरिया-मुक्त करते हैं, ऑटोमैटिक प्लग दरवाजे और चौड़े गैंगवे, सभी कोच में CCTV, इमरजेंसी में पैसेंजर और ट्रेन मैनेजर/लोको पायलट से बात करने की सुविधा, दिव्यांग यात्रियों के लिए स्पेशल शौचालय, कोच की कंडीशन मॉनिटरिंग सिस्टम और ऊपरी बर्थ पर चढ़ने के लिए आरामदायक सीढ़ी लगी हैं. इस तरह यह ट्रेन अपने आप में अनूठी है.
Discover more from Business News
Subscribe to get the latest posts sent to your email.