DGCA Action On Indigo: डीजीसीए ने इंडिगो एयरलाइंस से 22.20 करोड़ रुपए के जुर्मान के साथ 50 करोड़ रुपए की बैंक गारंटी भी मांगी है. इस बैंक गारंटी मांगने का असल मकसद क्या है? क्या यह रकम डीजीसीए के पास ही रहेगी या फिर एयरलाइंस को निश्चित समय सीमा के बाद वापस मिल जाएगी. समझें बैंक गारंटी का पूरा गणित.
डीजीसीए ने इस सुधार योजना को इंडिगो सिस्टमिक रिफॉर्म अश्योरेंस स्कीम (ISRAS) का नाम दिया है. इसके तहत 50 करोड़ रुपए की बैंक गारंटी को चार पिलर्स में बांटा गया है. जिसके तहत, पहले पिलर में लीडरशिप एंड गवर्नेंस को रखा है. इस पिलर के लिए 10 करोड़ रुपए की बैंक गारंटी ली गई है. इसका मकसद एयरलाइन के टॉप मैनेजमेंट की तरफ से मॉडिफिकेशन को इफेक्टिव तरीके से समय पर लागू करना है. लीडरशिप एंड गवर्नेंस के तहत निर्धारित मानकों को पूरा करने के लिए इंडिगो को तीन महीने का समय दिया गया है.
सर्टिफिकेशन के बाद तीन महीनों में वापस होंगे 10 करोड़ रुपए
यदि इंडिगो तीन महीनों के भीतर लीडरशिप एंड गवर्नेंस के मानकों को पूरा कर लेती है तो बैंक गारंटी के तौर पर लिए गए 10 करोड़ रुपए वापस रिलीज कर दिए जाएंगे. दूसरे पिलर के तहत, मैनपावर प्लानिंग, रोस्टरिंग एंड फेटीग-रिस्क मैनेजमेंट को रखा गया है. इस पिलर के तहत 15 करोड़ रुपए की बैंक गारंटी मांगी गई है. इसका मकसद पायलट और क्रू स्टाफ के फेटीग रिस्क को कम करना और शिफ्टिंग को बेहतर बनाना है. इस पिलर के तहत तय मानकों को पूरा करने के लिए एयरलाइन को 6 महीने का समय दिया गया है.
डिजिटल ऑपरेशन्स के लिए मांगी गई 15 करोड़ की गारंटी
एयरलाइन 6 महीनों के भीतर इनिशियल एंड सस्टेन्ड कंप्लायंस को लागू करने में कामयाब रहती है तो बैंक गारंटी के तौर पर ली गई 15 करोड़ रुपए की रकम भी वापस कर दी जाएगी. तीसरा पिलर डिजिटल सिस्टम्स एंड ऑपरेशनल रेजिलिएंस का है. इस चरण में एयरलाइन के डिजिटल ऑपरेशन्स को मजबूत बनाया जाएगा. इसके लिए 15 करोड़ रुपए की बैंक गारंटी मांगी गई है. नौ महीने के भीतर सिस्टम अपग्रेड्स एंड सेफगार्ड्स को तय मानकों के तहत पूरा करने के लिए डीजीसीए का सर्टिफिकेशन जरूरी होगा. इसी के बाद 15 करोड़ रुपए की बैंक गारंटी वापस की जाएगी.
बैंक गारंटी के रिलीज के लिए जरूरी होगा सर्टिफिकेशन
चौथा और आखिरी पिलर बोर्ड-लेवल ओवरसाइट एंड सस्टेन्ड कंप्लायंस है. इसमें तहत बैंक गारंटी के तौर पर लिए गए 10 करोड़ रुपए तब जारी होंगे, जब एयरलाइन मॉडिफिकेशन को निर्धारित समय सीमा के भीतर लागू करेगी. इस चरण को पूरा करने के लिए डीजीसीए ने इंडिगो को 9–15 महीने का समय दिया है. यहां डीजीसीए ने स्पष्ट किया है कि प्रत्येक बैंक गारंटी का रिलीज इंडिपेंडेंट वेरिफिकेशन और सर्टिफिकेशन पर निर्भर करेगा. इसे मिनिस्ट्री ऑफ सिविल एविएशन और डीजीसीए के सहयोग से इंडिगो के वरिष्ठ प्रबंधन की निगरानी में पूरा किया जाएगा.
बेहतर होगा एयर ट्रैफिक सिस्टम और पैसेंजर एक्सपीरियंस
अधिकारियों का कहना है कि यह कदम इंडियन एविएशन सेक्टर में सेफ्टी, ऑपरेशन और प्रणालीगत सुधार को मजबूत करेगा. इससे न केवल इंडिगो बल्कि पूरे देश के एयर ट्रैफिक और पैसेंजर्स एक्सपीरियंस में सुधार होगा.
About the Author

Anoop Kumar Mishra is associated with News18 Digital for the last 6 years and is working on the post of Assistant Editor. He writes on Health, aviation and Defence sector. He also covers development related to …और पढ़ें
Discover more from Business News
Subscribe to get the latest posts sent to your email.