Budget 2026 : वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण जब आज बजट भाषण शुरू करेंगी तो मिडिल क्लास को 5 बड़ी उम्मीदें उनसे रहेंगी. अगर वित्तमंत्री ने इस पर फैसला किया तो निश्चित रूप से मिडिल क्लास की किस्मत बदल जाएगी.

होम लोन पर बजट की लिमिट बढ़ाने की उम्मीद है.
होम लोन में बदलाव : इनकम टैक्स एक्स के तहत कई साल से होम लोन पर मिलने वाली टैक्स छूट का आंकड़ा नहीं बदला है. प्रॉपर्टी के दाम बदल गए और होम लोन का अमाउंट भी काफी बढ़ गया है, लेकिन इसके मुकाबले मिलने वाली टैक्स छूट आज भी काफी कम है. एक्सपर्ट का मानना है कि आयकर की धारा 24(बी) के तहत होम लोन के ब्याज पर मिलने वाली 2 लाख की छूट को कम से कम 5 लाख किया जाना चाहिए. साथ ही 80सी के तहत मूलधन चुकाने पर मिलने वाली टैक्स छूट को बढ़ाकर 2 से 2.5 लाख रुपये किया जाना चाहिए. शहरी क्षेत्रों में तो प्रॉपर्टी के दाम पिछले एक दशक में दोगुने से भी ज्यादा हो गए हैं तो अब इस आंकड़े को भी बदलना चाहिए.

अटल पेंशन योजना में रिटायरमेंट के बाद मिलने वाली राशि बढ़ सकती है.
अटल पेंशन योजना : साल 2015 में शुरू हुई इस पेंशन योजना का लाभ असंगठित क्षेत्र के लोगों को मिलता है. इस योजना को लोगों ने इतना पसंद किया कि महज 10 साल में 8.33 करोड़ खाते खोले जा चुके हैं. अभी इस योजना में निवेश करने वालों को रिटायरमेंट की उम्र यानी 60 साल के बाद 1 से लेकर 5 हजार तक पेंशन मिलती है. इसमें निवेश की शुरुआत 42 रुपये से महीने से लेकर 1,454 रुपये महीने तक की जा सकती है. लोगों की डिमांड में है कि महंगाई को देखते हुए इसमें पेंशन के अमाउंट को और बढ़ाया जाए.

सैलरीड क्लास को टैक्स में छूट और मिल सकती है.

नए रिजीम में हेल्थ इंश्योरेंस पर छूट का ऐलान हो सकता है.
नए रिजीम में भी छूट : जबसे सरकार ने नया और पुराना टैक्स रिजीम लागू किया है, तभी से यह डिमांड चल रही है कि नए रिजीम में भी कुछ टैक्स छूट को शामिल करना चाहिए. खासकर होम लोन और हेल्थ इंश्योरेंस के प्रीमियम पर तो छूट जरूर मिलनी चाहिए. इस बार के बजट में कयास लगाए जा रहे हैं कि सरकार दोनों या फिर किसी एक को नए टैक्स रिजीम में शामिल कर सकती है. अगर ऐसा होता है तो इंश्योरेंस की पहुंच और बढ़ेगी, साथ ही मिडिल क्लास को सुरक्षा भी मिलेगी.

क्रिप्टो पर टैक्स घटाने की भी उम्मीद की जा रही है.
डिजिटल एसेट पर टैक्स : क्रिप्टोकरेंसी जैसे डिजिटल एसेट पर अभी हर ट्रांजेक्शन पर 1 फीसदी का टीडीएस लगाया जाता है. इंडस्ट्री का कहना है कि इस टीडीएस को घटाकर 0.01 फीसदी किया जाना चाहिए. सरकार ने 1 जुलाई, 2022 से हर ट्रांजेक्शन पर 1 फीसदी टीडीएस लेना शुरू कर दिया है. इसके अलावा वर्चुअल डिजिटल एसेट यानी वीडीए पर सरकार एकमुश्त 30 फीसदी का टैक्स लेती है. इंडस्ट्री ने इसकी समीक्षा करने और घटाने की अपील की है. अब देखना यह है कि क्या वित्तमंत्री अपने फैसलों में इनमें से किसी को शामिल करती हैं.
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प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्वेस्टमेंट टिप्स, टैक्स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि…और पढ़ें
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