एक्सपर्ट के मुताबिक, ज्यादातर बार-बार होने वाला ओवरस्पेंडिंग आर्थिक नहीं, भावनात्मक होता है. कुछ लोग लड़ाई के बाद खर्च करते हैं, कुछ खुद को कम आंका हुआ महसूस करने पर, तो कुछ सैलरी बढ़ने पर ‘अब मैं डिजर्व करता हूं’ सोचकर ज्यादा खर्च करने लगते हैं. कई बार खरीदारी थोड़ी देर की राहत देती है और यही आदत बन जाती है.
फाइनेंशियल थेरेपी क्या करती है?
फाइनेंशियल थेरेपी में कोई आपको सिर्फ ‘खर्च बंद करो’ नहीं कहता. इसमें आपके पैसे से जुड़े पुराने अनुभव समझे जाते हैं। बचपन में पैसों की कमी थी? क्या पैसा कंट्रोल या मान-सम्मान से जुड़ा था? फिर देखा जाता है कि खर्च कब बढ़ता है? थेरेपी का मकसद मजा खत्म करना नहीं, बल्कि मजबूरी वाले खर्च को कम करना है जैसे-
- तय रकम से ऊपर खरीदारी पर 24 घंटे का ब्रेक
- इमोशनल खर्च के लिए अलग, सीमित बजट
- खर्च के पीछे की भावना को पहचानना
बार-बार बजट फेल क्यों होता है?
अगर आपने 3-4 बार बजट बनाया और हर बार छोड़ दिया, तो यह सिर्फ अनुशासन की कमी नहीं हो सकती. हो सकता है आप खुद को बंधा हुआ या दूसरों से पीछे महसूस कर रहे हों. फाइनेंशियल थेरेपी इन भावनाओं को सामने लाती है. जब आप समझ जाते हैं कि खर्च किस भावना से जुड़ा है, तो उसे कंट्रोल करना आसान हो जाता है.
यह सिर्फ कर्ज की बात नहीं
ओवरस्पेंडिंग हमेशा बड़ा कर्ज नहीं बनाता. कई बार प्रमोशन के बाद लाइफस्टाइल तेजी से बढ़ जाती है या फिर 60-80 हजार रुपये का क्रेडिट कार्ड बकाया सालों तक चलता रहता है. कमाई अच्छी होने के बावजूद अगर पैसा टिक नहीं रहा, तो समस्या आय नहीं, आदत हो सकती है.
क्या यह तुरंत असर दिखाता है?
नहीं. पैसे से जुड़े व्यवहार सालों में बनते हैं, इसलिए बदलने में समय लगता है. लेकिन एक बार जब कारण समझ आ जाता है, तो कंट्रोल आसान हो जाता है.
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
सवाल 1. फाइनेंशियल थेरेपी और फाइनेंशियल एडवाइजर में क्या फर्क है?
जवाब- फाइनेंशियल एडवाइजर निवेश, बचत और प्लानिंग में मदद करता है. फाइनेंशियल थेरेपिस्ट आपके खर्च की भावनात्मक वजह समझने में मदद करता है.
सवाल 2. क्या हर ओवरस्पेंडिंग मनोवैज्ञानिक समस्या है?
जवाब- नहीं. कभी-कभी आय कम या खर्च ज्यादा भी हो सकते हैं. लेकिन अगर आप जानते हैं कि खर्च गलत है और फिर भी दोहराते हैं, तो भावनात्मक कारण हो सकता है.
सावल 3. क्या बिना थेरेपी के सुधार संभव है?
जवाब- कुछ लोग ऑटोमेटिक सेविंग, खर्च सीमा और क्रेडिट कार्ड हटाकर सुधार कर लेते हैं. लेकिन बार-बार रिलेप्स हो तो एक्सपर्ट की मदद फायदेमंद हो सकती है.
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